महाराष्ट्र सरकार में शामिल होने के लिए शिवसेना ने एक बार फिर भाजपा पर दबाव बनाया है।
शिवसेना सचिव अनिल देसाई ने भाजपा को अल्टीमेटम देते हुए कहा है कि 12 नवंबर को बहुमत साबित करने से पहले शिवसेना के मंत्रियों को शपथ दिलाई जाए, वरना शिवसेना विपक्ष में बैठने का फैसला कर लेगी। भाजपा ने इस पर कोई जवाब नहीं दिया है।
31 अक्तूबर को मुख्यमंत्री देवेंद्र फडनवीस के शपथ ग्रहण समारोह में शिवसेना अध्यक्ष उद्धव ठाकरे परिवार सहित शामिल हुए थे। उसके बाद से शिवसेना के सरकार में शामिल होने की चर्चा जोरों पर है।
शिवसेना चाहती है कि बहुमत साबित करने पहले कम से कम दो कैबिनेट और दो राज्य मंत्रियों को शपथ दिला दी जाए। इसके बाद ही शिवसेना भाजपा को समर्थन देने की घोषणा करेगी। सूत्रों के मुताबिक नए मंत्रियों को विभाग आवंटित करने के बाद शिवसेना की अकुलाहट बढ़ गई है, इसलिए वह समर्थन को लेकर जल्द फैसला चाहती है।
शिवसेना सूत्रों का कहना है कि यदि सात-आठ नवंबर तक शिवसेना को मंत्रिमंडल में शामिल करने का फैसला नहीं हुआ तो पार्टी नौ नवंबर तक विपक्ष में बैठने का फैसला कर लेगी।
भाजपा चाहती है कि 12 नवंबर को विधानसभा में बहुमत साबित करने के बाद शिवसेना को सरकार में शामिल करने पर विचार किया जाए। इसलिए भाजपा ने शिवसेना के अल्टीमेटम पर मौन साध रखा है।
उधर, मंगलवार को शिवसेना अध्यक्ष उद्धव ठाकरे पार्टी के सभी 63 विधायकों को लेकर पुणे के लोनावाला स्थित अपने कुलदेवी एकविरा देवी की शरण में पहुंचे। एकविरा देवी के दर्शन-पूजन के बाद उद्धव ने भाजपा सरकार को समर्थन देने के मुद्दे पर विधायकों से भी विचार-विमर्श किया।