जबरन धर्मांतरण पर उठे राजनीतिक तूफान के बीच शिवसेना भी हिंदूवादियों के समर्थन में आ गई है। पार्टी ने कहा है कि ‘घर वापसी’ में कुछ भी गलत नहीं है। शिवसेना ने परोक्ष तौर पर भाजपा को सलाह दी है कि वह इस मुद्दे पर खुलकर सामने आए।
शिवसेना ने अपने मुखपत्र सामना में ‘धर्मांतरण का जागरण’ शीर्षक से संपादकीय लिखा है। इसमें कहा गया है कि जब हिंदुओं को प्रलोभन देकर और जबरन इस्लाम धर्म कुबूल करवाया गया, तब किसी ने इसका विरोध नहीं किया।
पार्टी ने तथाकथित धर्मनिरपेक्ष पार्टियों से सवाल किया है कि मुगल शासनकाल में हिंदुओं को जबरन मुस्लिम और पुर्तगाली एवं ब्रिटिश काल में ईसाई बनाए जाने के बारे में उनका क्या कहना है।