महाराष्ट्र में भाजपा और शिवसेना के गठबंधन पर छाए काले बादल लगातार गहराते जा रहे हैं। दोनों ही दल अपनी-अपनी मांग पर अड़े हुए हैं, जिससे विधानसभा चुनाव से पहले गठबंधन टूटने के आसार बनते दिख रहे हैं।
एक तरफ जहां शिवसेना ने भाजपा को धमकी भरे अंदाज में सलाह दी है कि तुम दिल्ली देखो, हम महाराष्ट्र देखेंगे। वहीं भाजपा महासचिव राजीव प्रताप रूडी ने साफ कर दिया है कि पार्टी अकेले दम पर चुनावी मैदान में उतर सकती है।
हालांकि भाजपा के शीर्ष नेतृत्व की ओर से गठबंधन को बचाने की कोशिशें जारी हैं। इसी के तहत भाजपा ने नए प्रस्ताव में 135 की जगह 130 सीटों का प्रस्ताव शिवसेना के सामने रखा है।
लेकिन शिवसेना फिलहाल मानने के मूड में नहीं दिख रही है। रूडी ने बताया कि भाजपा अध्यक्ष अमित शाह की उद्धव ठाकरे से बात हुई है। इसी से साफ हो जाता है कि हम गठबंधन को बचाने के पक्ष में हैं।
उद्धव का दो टूक
पार्टी अध्यक्ष उद्धव ठाकरे ने साफ कर दिया है कि वह पीछे हटने को तैयार नहीं है। उन्होंने कहा है कि गठबंधन रहे या टूटे कोई फर्क नहीं पड़ता।
उधर भाजपा नेता रूडी ने कहा है कि पार्टी की मुख्य मांग सीटों की संख्या है, भले ही उसे कमजोर सीटें ही क्यों न मिले।
उन्होंने कहा, "अगर ऐसा नहीं होता तो पार्टी के पास अकेले चुनाव लड़ने का विकल्प खुला है। हम गठबंधन तोड़ने के पक्ष में नहीं हैं। मगर हम सेना के समझौता न करने के बर्ताव को सहने के मूड में भी नहीं हैं। हमें उनके प्रस्ताव टीवी चैनलों के माध्यम से ही सुनने को मिल रहे हैं।"
सूत्र बताते हैं कि अब गठबंधन बचाने के दो ही उपाय हैं या तो प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी उद्धव ठाकरे से बातचीत करें या फिर शिवसेना के अंतिम फॉर्मूले पर भाजपा घुटने टेक दे।
कांग्रेस-एनसीपी में अंतिम चर्चा आज
कांग्रेस-एनसीपी में लंबे समय से चल रहे सीट बंटवारे के विवाद को सुलझाने की अंतिम पहल शुरू हो गई है। मंगलवार को कांग्रेस-एनसीपी के बीच गठबंधन पर अंतिम चर्चा होगी।
सोमवार को एनसीपी सुप्रीमो शरद पवार की अध्यक्षता में हुई कोर कमेटी की बैठक के बाद पार्टी के वरिष्ठ नेता प्रफुल्ल पटेल ने बताया कि मंगलवार को कांग्रेस और एनसीपी के नेताओं की अहम बैठक होगी, जिसमें सीट बंटवारे पर फाइनल चर्चा की जाएगी।