व्यापम घोटाले में सुप्रीम कोर्ट के फैसले के बाद मध्य प्रदेश के राज्यपाल रामनरेश यादव के भविष्य को लेकर दिल्ली में जिस तरह से राजनीतिक सरगर्मियां बढ़ी हैं उसका प्रभाव मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान पर भी पड़ना लाजिमी है।
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भाजपा में इस बात को लेकर चिंता गहराने लगी है कि राज्यपाल के हटने के बाद सुप्रीम कोर्ट की निगरानी में यदि सीबीआई जांच होती है तो चौहान भी देर सबेर इस लपेटे में आ सकते हैं। इसकी आशंका को देखते हुए ही मुख्यमंत्री ने दिल्ली दरबार में दस्तक देकर अपनी राजनीतिक जमीन को बचाए रखने की कोशिश की है।
शिवराज ने बचाव में उतरने के लिए आगे बढ़कर खेलना ज्यादा उचित समझा है। उन्होंने पहले तो केंद्रीय मंत्री व मध्य प्रदेश के प्रभारी अनंत कुमार से मुलाकात कर वस्तुस्थिति स्पष्ट की।
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शिवराज को बचाने की रणनीति बना रही भाजपा
सूत्रों के मुताबिक मुख्यमंत्री ने अनंत कुमार को व्यापम घोटाले की अब तक हुई जांच के बारे में विस्तार से बताया। इस दौरान उन्होंने नरेंद्र सिंह तोमर, विनय सहस्त्रबुद्धे और कैलाश विजयवर्गीज से भी मुलाकात की। शिवराज की सफाई का असर भाजपा पर दिखा है।
पहले भाजपा जहां शिवराज को उनके हाल पर छोड़ने का मूड बना रखी थी, वहीं अब पार्टी पूरे दम खम के साथ बचाव करने की रणनीति बनाती दिख रही है। पार्टी में बृहस्पतिवार को दिन भर मीडिया टीम के साथ मंथन कर इस सिलसिले में रणनीति तैयार की गई।
रणनीति तैयार करने में मध्य प्रदेश के उन सरकारी वकीलों से भी सलाह मशविरा किया गया, जो व्यापम घोटाले को देख रहे थे। भाजपा यह दलील देने में जुटी है कि जब से एसटीएफ ने जांच शुरू की है उसके बाद केवल सात मौतें हुई है, बाकी मौतें पहले की है।
सूत्रों का कहना है कि भाजपा ने व्यापम घोटाले की काट के लिए बिहार और उत्तर प्रदेश के घपलों को हथियार बनाएगी। पार्टी की दलील है कि यूपी और बिहार में होने वाली नौकरियों में भारी धांधली होती है। पार्टी नेताओं की दलील है कि व्यापम के जरिए हुए नौकरियों में हजार में एक नौकरी में गड़बड़ी की बात सामने आई है।
सीबीआई जांच का श्रेय लेने से नहीं चुके शिवराज
मध्य प्रदेश के मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान ने व्यापम घोटाले और इससे जुड़ी मौतों की सीबीआई जांच शुरू होने का श्रेय खुद को दिया है। चौहान ने कहा कि उनके सीने से बहुत बड़ा बोझ उतर गया है और वह काफी राहत महसूस कर रहे हैं। वहीं, कांग्रेस नैतिकता की दुहाई देकर चौहान से कुर्सी छोड़ने की मांग कर रही है। इस सिलसिले में उसने आगामी 16 जुलाई को प्रदेश बंद का आह्वान किया है।
कांग्रेस चूंकि पहले से सीबीआई जांच की मांग करती रही है, लिहाजा बृहस्पतिवार को सुप्रीम कोर्ट का आदेश आने के बाद मुख्यमंत्री चौहान ने यह जताने की कोशिश की कि सीबीआई जांच भी उनके ही आग्रह पर हो रही है। उन्होंने कहा, ‘सुनने में आपको अटपटा लग सकता है, लेकिन सच बात यह है कि व्यापम की जांच कराने के लिए मैं खुद अपनी सराहना करता हूं।’
भोपाल हवाई अड्डे पर उतरते ही उन्होंने लगे हाथ मीडिया को ये भी बता दिया कि, सुप्रीम कोर्ट ने सीबीआई जांच को लेकर राज्य सरकार के रवैये की सराहना की है।
मध्य प्रदेश के मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान ने दिवंगत पत्रकार अक्षय सिंह के परिवार से बृहस्पतिवार को मुलाकात की। उन्होंने पीड़ित परिवार को सांत्वना दी। मुलाकात के बाद शिवराज ने कहा कि अक्षय की मौत का सच सामने लाना मेरा मिशन है। हम बेहतर तरीके से जांच की कोशिश कर रहे हैं। वह परिवार के साथ खड़े हैं और उनकी हरसंभव मदद करेंगे।
उन्होंने अक्षय की बहन को नौकरी उपलब्ध कराने में मदद का आश्वासन दिया। आर्थिक मदद देने की भी बात की। हालांकि, इस प्रस्ताव को परिवार वालों ने ठुकरा दिया है।
मुलाकात के बाद अक्षय की बहन का कहना था कि मुख्यमंत्री ने हर संभव मदद का भरोसा दिया। परिजनों ने मौत की वजह व निष्पक्ष जांच की मांग मुख्यमंत्री के सामने रखी। अक्षय की मां का भी कहना था कि परिवार को किसी चीज की जरूरत नहीं है, लेकिन मामले की गहन जांच होनी चाहिए।
आर्थिक मदद व नौकरी की पेशकश को एक तरीके से परिजनों ने ठुकरा भी दिया। घर पर करीब आधा घंटा तक रुके चौहान ने कहा, ‘मैं यहां परिवार से मिलने आया था, जिसे भारी क्षति हुई है। मैं उनके साथ खड़ा हूं। एक मां ने अपना बेटा खोया है, एक बहन ने भाई। मैंने परिवार को हर प्रकार की सहायता और मौत के कारणों की निष्पक्ष जांच का आश्वासन दिया है। मैं चाहता हूं कि सच सामने आना चाहिए और हमने विसरा नमूने दिल्ली में एम्स को भेजे हैं।