जवाहरलाल नेहरू विश्वविद्यालय विवाद पर शिवसेना ने तीखी प्रतिक्रिया दी है। पार्टी ने अपने मुखपत्र ‘सामना’ के संपादकीय में लिखा है कि देश विरोधी नारे लगाने वालों को जेल में डाल देना चाहिए तथा जो नेता ऐसे छात्रों का समर्थन कर रहे हैं, उनका निर्वाचन छीन लेना चाहिए।
पार्टी के अनुसार भारत के खिलाफ नारे लगाने वालों को तत्काल सलाखों के पीछे भेज देना चाहिए। जेएनयू अब राष्ट्र विरोधियों ही नहीं बल्कि पाकिस्तानी और चीनी एजेंटों का अड्डा भी बन गया है। ये लोग सरकार के धन पर राष्ट्र विरोधी गतिविधियों में शामिल हैं।
शिवसेना ने एक ऐसे कानून की मांग की, जिसके जरिये राष्ट्र विरोधियों के पक्ष में खड़े होने वाले जनप्रतिनिधियों का निर्वाचन खत्म किया जा सके। पार्टी ने कहा कि पाकिस्तानी आतंकवादियों से अधिक लोकतंत्र और आजादी देश का गला घोंट रही है।
यदि क्रिकेटर विराट कोहली के पाक प्रशंसक को भारतीय झंडा फहराने पर राष्ट्रद्रोही घोषित किया जा सकता है तो भारत विरोधी नारे लगाने वालों के साथ नरम रुख क्यों अपनाया जा रहा है।