श्रीनगर में सीआरपीएफ कैंप पर हुए आत्मघाती हमले में पाक का हाथ है। इस बात के संकेत केंद्र सरकार ने बृहस्पतिवार को संसद के दोनों सदनों में दिए।
संसद में गृह मंत्री सुशील कुमार शिंदे ने कहा कि हमले में मारे गए दो आतंकियों के पास से मिले सामानों पर पाक का पता दर्ज है।
हालांकि उन्होंने दोनों आतंकियों को पाकिस्तानी मूल का कहने के बजाए विदेशी मूल का बताया। विपक्षी हमले के बीच शिंदे ने कहा दोनों आतंकियों की अब तक पहचान पक्की नहीं हो पाई है, लेकिन उनके पास से मिले सामन पर पाकिस्तान के नंबर और पते हैं।
शुरुआती जांच से इस हमले के पीछे सीधे तौर पर पाक का हाथ नजर आ रहा है। सरकार ने यह भी माना कि अजमल कसाब और अफजल गुरू की फांसी के बाद जम्मू-कश्मीर में इस तरह के हमले की आशंका थी।
आतंकवाद से लड़ने में सरकार की विफलता के आरोप पर शिंदे ने कहा कि सरकार पूरी गंभीरता से आतंकवाद को जड़ से मिटाने को प्रतिबद्ध है। वह जम्मू-कश्मीर को विशेष पैकेज देकर शांति कायम करने की कवायद में लगी है।
उन्होंने कहा कि आतंकवाद को जड़ से खत्म करने के लिए वहां के लोगों का विश्वास जीतना जरूरी है। साथ ही उन्होंने कहा कि सरकार खुद राज्य में सुरक्षा बलों की लंबी तैनाती के पक्ष में नहीं है।
क्या-क्या मिला आतंकियों के कब्जे से
सीआरपीएफ कैंप पर हुए हमले में मारे गए दोनों आतंकियों के पास से दो डायरियां मिली हैं। इन पर पाकिस्तान ने नंबर और पते दर्ज हैं। इसके अलावा आतंकियों के कब्जे से बीटाडीन मलहम मिला है।
मलहम पर है कराची का पता
आतंकियों के पास से मिले चर्म रोग में इस्तेमाल किए जाने वाले बीटाडीन मलहम पर ग्लैक्सों स्मिथक्लिंग पाक लिमिटेड, 35 डॉकयार्ड, कराची का पता छपा हुआ है।