एनडीए मंत्रिमंडल में शामिल होने से रह गए भाजपा सांसद और अभिनेता शत्रुघ्न सिन्हा अब मंत्री बनने के लिए तैयार हैं।
उन्होंने कहा है कि अगर उन्हें मंत्री बनाने की पेशकश की गई तो वह इसे खारिज नहीं करेंगे।
शत्रुघ्न का मानना है कि शायद उनके स्वास्थ्य के बारे में फैली अफवाह उनके मंत्री बनने में आड़े आई होगी लेकन अब उन्हें मंत्री बनने को कहा जाएगा तो वह हां कह देंगे।
प्रधानमंत्री के विवेक को चुनौती नहीं
एक टीवी कार्यक्रम में शत्रुघ्न सिन्हा ने कहा कि किसी को मंत्री बनाना प्रधानमंत्री का विशेषाधिकार है। मैं उनके विवेक को चुनौती देने वाला कौन होता हूं।
शायद उन्हें मेरी जरूरत महसूस नहीं हुई होगी। भाजपा सांसद ने कहा कि वह प्रधानमंत्री या संसदीय बोर्ड के विवेक को कभी चुनौती नहीं देंगे।
अगर उन्हें मेरी सेवा की जरूरत महसूस होती है तो मैं जिम्मेदारी लेने से पीछे नहीं हटूंगा। लेकिन मैं अपने लिए कभी भी मंत्री पद नहीं मांगूंगा। लेकिन दिया गया तो इनकार भी नहीं करूंगा।
मंत्री बनने की ख्वाहिश
उनसे पूछा गया कि क्या उन्हें मंत्री बनने की ख्वाहिश है। इस पर उन्होंने क हा- ये तो मुझे पता है कि अच्छे दिन आने वाले हैं। शत्रुघ्न सिन्हा से पूछा गया कि आपने प्रधानमंत्री पद के लिए लालकृष्ण आडवाणी का समर्थन किया था।
इस पर उन्होंने कहा कि आडवाणी जी उनके फ्रेंड, फिलॉसफर और गाइड हैं। और सबसे बढ़ कर उनके गुरु हैं।
उन्होंने कहा कि मौजूदा दौर उनके जैसा अनुभवी और कद्दावर नेता दूसरा नहीं है। लेकिन जब संसदीय बोर्ड ने मोदी जी को प्रधानमंत्री पद के लिए नामित करने का फैसला किया तो वह इसके खिलाफ कैसे जा सकते थे।