रक्षा सचिव शशि कांत शर्मा देश के नए कैग होंगे। 61 वर्षीय शर्मा को राष्ट्रपति प्रणब मुखर्जी बृहस्पतिवार को शपथ दिलाएंगे। 1976 बैच के बिहार कैडर के आईएएस अधिकारी शर्मा विनोद राय का स्थान लेंगे।
राय ने साढ़े पांच साल का कार्यकाल पूरा होने के बाद बुधवार को पद त्याग किया। राय के कार्यकाल में कैग और सरकार के बीच काफी खींचतान रही। कई मामलों में कैग का विरोध किया गया।
अपने कार्यकाल में मीडिया के साथ कांफ्रेंस करने पर सरकार के गुस्से का सामना करने वाले राय ने पद त्यागने से पहले मीडिया के लोगों को धन्यवाद दिया।
राय ने कहा कि मीडिया की वजह से ही स्वतंत्र होकर कार्य करने का अवसर मिला। मैं आशा करता हूं कि आप लोगों का सहयोग आगे भी संस्था को जारी रहेगा।
नए कैग पर भाजपा को एतराज
केंद्रीय सतर्कता आयुक्त (सीवीसी) और राष्ट्रीय मानवाधिकार आयोग (एनएचआरसी) के चेयरमैन के बाद भाजपा ने अब नियंत्रक एवं महालेखा परीक्षक (कैग) की नियुक्ति पर सवाल उठाए हैं।
पार्टी ने कहा है कि जिस रक्षा मंत्रालय के तहत सबसे ज्यादा खरीद फरोख्त होती है उसके सचिव को कैग की जिम्मेदारी देना उचित नहीं है।
राज्यसभा में विपक्ष के नेता अरुण जेटली ने कहा कि भाजपा किसी व्यक्ति विशेष के खिलाफ नहीं है, लेकिन सभी जानते हैं कि सरकार के बजट का सबसे बड़ा हिस्सा रक्षा मामलों की खरीद पर खर्च होता है। अब उसकी जांच वही करेंगे जो उस विभाग के प्रमुख रहे हैं। ऐसे में सरकार के इस फैसले को उचित नहीं कहा जा सकता है।
लोकसभा में विपक्ष की नेता सुषमा स्वराज ने भी आपत्ति जताते हुए कहा कि भाजपा ने सीवीसी और एनएचआरसी की नियुक्ति में भी एतराज जताया था, लेकिन सरकार ने इन नियुक्तियों में भी मनमानी की।
सीवीसी की नियुक्ति के मामले में तो सरकार को अदालत से फटकार भी मिली थी।