राष्ट्रपति प्रणब मुखर्जी द्वारा शपथ दिलाए जाने के बाद 1976 बैच के आईएएस अधिकारी शशिकांत शर्मा ने बृहस्पतिवार को देश के नए नियंत्रक एवं महालेखा परीक्षक (कैग) का पदभार संभाल लिया।
उन्होंने विनोद राय का स्थान लिया है। राय बुधवार को सेवानिवृत्त हो गए। वे कैग के पद पर साढ़े पांच साल तक रहे। उनका कार्यकाल काफी चर्चित रहा है।
राष्ट्रपति सचिवालय की ओर से जारी प्रेस विज्ञप्ति में कहा गया है कि बिहार कैडर के आईएएस अधिकारी शर्मा कैग के पद पर 24 सितंबर, 2017 तक रहेंगे। इससे पहले शर्मा रक्षा सचिव थे।
उन्होंने नया पद ऐसे समय संभाला है, जब 2जी स्पेक्ट्रम आवंटन में 1.76 लाख करोड़ रुपये के नुकसान की रिपोर्ट को लेकर सरकार और सत्ताधारी दल द्वारा कैग की कड़ी आलोचना की जा रही है।
राय के कार्यकाल के दौरान कैग पर अपने दायरे से बाहर जाकर नीतिगत फैसलों के विश्लेषण का आरोप लगा था। इसके जवाब में राय ने कहा था कि सरकार चाहती है कि कैग सिर्फ अकाउंटेंट बनकर रहे।
नए कैग को अगस्ता वेस्टलैंड हेलीकॉप्टर सौदे और अन्य आडिट रिपोर्ट को देखना होगा। वह इस सौदे से शुरुआत से लेकर वर्ष 2010 में उसे अंतिम रूप दिए जाने तक नजदीकी से जुड़े रहे हैं।