फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

ट्विटर पर छिड़ी बहस, शरीफा बनाम सीताफल

विज्ञापन
विज्ञापन
शरीफा कहें या सीताफल? ट्विटर पर इन दिनों इस मीठे फल के नाम पर बहस छिड़ी हुई है। हैशटेग #sharifavssitaphal पर सभी अपनी-अपनी राय रख रहे हैं। बहस फल के नाम पर हो रही है, लेकिन राजनीति भी है, इतिहास और भूगोल भी।
विज्ञापन


हरे रंग के, अंग्रेजी में कस्टर्ड एप्पल कहे जाने वाले इस फल को लेकर सबके अपने दावे हैं। बहस का रुख कुछ ऐसा है कि 'शरीफा' कहने वालों को सेक्यूलर और सीताफल कहने वालें को सांप्रदायिक कहा जा रहा है।

दरअसल कस्टर्ड एप्पल को उत्तर भारत के अधिकांश इलाकों विशेषकर बिहार और उत्तर प्रदेश में 'शरीफा' कहा जाता है, जबकि मध्यभारत यानी मध्य प्रदेश और छत्तीसगढ़ में इसे 'सीताफल' कहा जाता है।
विज्ञापन


(-ये तस्वीर वरिष्ठ पत्रकार संकर्षण ठाकुर ने टि्वटर पर शेयर की है।)

तुर्की से आया शरीफा, हिंदू है सीताफल

सीताफल के पैरोकारों का कहना है कि इसे शरीफा नाम तुर्की से आए मुसलमानों ने दिया है, इसलिए ये नाम मुसलमान है। देसी Darcy‌ ट्विटर हैंडल से ट्वीट किया गया है कि सीताफल का धर्मांतरण करा दिया गया है। शरीफा को पवित्र होना पड़ेगा या वह पाकिस्तान चला जाए।
Sharifa hs been accusd of conversion frm Sitaphal, Sharifa hs to cm clean or shld go to Pakistan. We'll manage wid Kaddu. #sharifavssitaphal— देसी Darcy (@The_Wa_Na) July 22, 2015

शरीफा को तुर्की भाषा का बताने वालों को चुनौती भी दी जा रही है। @neerajn टि्वटर हैंडल से कहा गया है, ' हम बिहार में इसे शरीफा ही कहते हैं, मुझे तुर्की जाने का वीजा कौन दे रहा है?
@DilliDurAst @Sshankara @IndiaExplained We in Bihar always call it Sharifa. So, who's giving me a visa to Turkey? #sharifavssitaphal— Neeraj (@neerajn) July 22, 2015

विज्ञापन

अब नवाज शरीफ कहें ये नवाज सीताफल

प्रज्ञा तिवारी ने ट्वीट किया है कि मुंबई आने के बाद ही मुझे सीताफल के बारे में पता चला, बचपन से सिर्फ शरीफा ही खाया है।

@SankarshanT Clearly late to this 'debate' but I hadn't heard of sitaphal until I moved to Bombay. Bachpan se sirf shareefa hi khaaya hai.— Pragya Tiwari (@PragyaTiwari) July 22, 2015

अभिषेक ने ट्वीट किया है, हममें कोई हममें कोई हूण, कोई शक, कोई मंगोल है, दफन है जो बात, अब उस बात को मत छेड़िए।
#SharifaVsSitaphal https://t.co/s6WLjcjp6F— Sankarshan Thakur (@SankarshanT) July 22, 2015

वरिष्ठ पत्रकार संकर्षण ठाकुर ने लिखा है कि बिहार में इसे शरीफा ही कहा जाता है। और उन्होंने इसके समर्थन में एक तस्वीर भी डाली है। एक ट्वीट किया गया है कि बहस के बाद नवाज शरीफा ने अपना नाम नवाज सीताफ करने का फैसला किया है।

बहरहाल ट्विटर पर छिड़ी बहस से ये तय तो होने वाला नहीं कि शरीफा ही सही और सीताफल गलत या सीताफल सही है और शरीफा गलत? आप बहस के साथ इस मीठे फल का आनंद ले सकते हैं।
और पढ़ें...
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें