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सांवली सूरत पर बोलते-बोलते बहक गए शरद यादव

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उम्र का तकाजा कहें या मौज का मूड! गुरुवार को राज्यसभा में जदयू अध्यक्ष शरद यादव रौ में दिखे। उनकी पार्टी ने बीमा बिला के विरोध में संसद का बहिष्कार किया, लेकिन उससे पहले शरद यादव बिल की बखिया उधेड़ने के बजाय उसकी चुटकी लेते रहे। शरद के बयानों पर भाजपा के सांसद मुस्कुराते दिखे तो विपक्ष ठहाके लगाता।
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उन्होंने जब दक्षिण भारतीय महिलाओं के सांवले रंग पर जुमलेबाजी करने की कोशिश की तो डीएमके सांसद कनिमोझी ने उनका तीखा विरोध किया। हालांकि चुप होने के बजाय उन्होंने कनिमोझी को ही नसीहत दे डाली।

गुरुवार को केंद्र सरकार ने राज्यसभा में बीमा संशोधन विधेयक पेश किया। कांग्रेस के सहयोग से सरकार बिल को पास कराने में कामयाब रही, जबकि वामदल, तृणमूल, सपा और बसपा ने बिल का विरोध किया। जदयू ने बिल के विरोध में राज्यसभा से वाकआउट किया।
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बिल में के विरोध में शरद यादव ने अपने भाषण की शुरुआत केंद्रीय मंत्री रविशंकर प्रसाद की चुटकी लेकर की। रविशंकर प्रसाद की ओर मुखातिब होकर उन्होंने कहा, 'आज आप बड़े प्रसन्न हैं। इतना प्रसन्न हैं कि बहुत दिनों बाद कांग्रेस की तरफ भाग रहे हैं आप, हमारे पास नहीं आते।'

शरद ने कहा, भारत में सभी को गोरी चमड़ी चाहिए

एनसीपी के डॉ डीपी त्रिपाठी की ओर मुखातिब होकर शरद यादव ने कहा कि हम तो इनको डीपीटी कहते थे। पता नहीं कहां से ये डॉक्टर हो गए। कहां से डिग्री ले ली है?

बीमा विधेयक के विदेश कंपनियों के पक्ष में झुका होने की दलील देते हुए शरद ने कहा कि इस देश में ताकत ही नहीं है कि ऊपर की तरफ कुछ बोल दे। इसमें तो एक ही चीज है कि ऊपर काटो और नीचे चाटो। कोई जबरा मिल जाए तो उसके लिए कोई दिक्कत नहीं है।

उन्होंने कह‌ा कि वर्ल्ड बैंक के चेयरमैन अपनी किताब मे लिखा है कि हमारी पॉ‌लिसी से दुनिया बस बर्बाद और तबाह होगी।

शरद ने कहा कि देश को हवा महल बना दिया गया। उन्होंने दावा कि बीमा बिल से विदेश कंपनियों के बड़े अधिकारियों को बचने में मदद मिलेगी। भोपाल गैस त्रासदी में वारेन एंडर्सन के बच निकलने का उदाहरण देते हुए उन्होंने कहा कि यहां तो (भारत में) गोरी चमड़ी को देखकर आदमी दंग रहा जाता है। मेट्रीमोनियल देखे तो उसमें लिखा रहता है गोरी लड़की चा‌हिए।

शरद बोले, अरे भाई तुम्हारा भगवान ही काला था

शरद ने कहा, 'आप का भगवान सांवला है, वह रविशंकर (प्रसाद) जैसा है। अरे राम भी सांवला है और आपका कृष्‍ण भी श्याम वर्ण का है। और आप गोरा रंग देखकर कैसे बेहोश होते हो?

उन्होंने कहा क‌ि इंडियाज डॉटर की डायरेक्टर लेस्‍ली उडविन गोरी हैं, इसलिए उन्हें आसानी से इजाजत मिल गई होगी।

शरद कहा, 'लेस्ली उडविन जहां भी घुसी होगी, वहां...। अरे ऐसा बाग-बाग है। वैसे पूरा देश ही सरेंडर है। जहां देखो हर आदमी गोरी-गोरी ढूंढ़ रहा है। अरे भाई तुम्हारा भगवान ही काला था तो सांवला आदमी क्या कोई बुरा होता है?

शरद यादव को रौ में आकर जब गोरे और काले पर टिप्पणी कर रहे थे, उस समय रविशंकर प्रसाद ने जोड़ा कि सांवले संत ने गोरों को हराया, उसका नाम महात्मा गांधी था। उसके जवाब में शरद ने कहा डॉ (राम मनोहर) लोहिया ने लिखा कि एक आदमी (कृष्‍ण) यमुना के किनारे पैदा हुआ और उसका अंतिम संस्कार द्वारका में हुआ। और एक आदमी (महात्मा गांधी) द्वारका (पोरबंदर) में पैदा हुआ और उसका यमुना के किनारे अंतिम संस्कार किया गया। मैं मानता हूं कि दोनों आदमी सांवले थे।

शरद यादव के बयान से कनीमोझी हुई नाराज

शरद यादव जब तय समय सीमा लांघने लगे तो पीठीसीन पी राजीव ने उन्हें रोकने की कोशिश की। उन्होंने कहा, शरदजी आपकी पार्टी का एक और स्पीकर है।

उस समय शरद यादव ने कहा, अरे साहब, छोड़िए हम पार्टी वाले आदमी हैं क्या? 30 फीसदी लोग इस सदन और उस सदन में हमारे हाथ के टिकट दिए हुए हैं। हमको पार्टी में क्यों बांध रहे हैं? सभापति की गद्दी पर बैठे सीपीआई नेता पी राजीव से उन्होंने कहा कि आपकी पार्टी की भी हमने बहुत मदद ‌की है।

बीमा बिल पर बात करने के लिए खड़े हुए शरद यादव यहीं नहीं रुके, सांवले रंग की व्याख्या करते-करते उन्होंने द‌क्षिण की महिलाओं की मीमांसा शुरु कर दी। शरद यादव ने कहा कि सांवले आदमी होने चाहिए, पूरे देश में सावंले आदमी ही ज्यादा हैं। उन्होंने कहा दक्षिण की महिला जितनी खूबसूरत होती है, उतनी उसकी बॉडी... पूरा देखने में...इतना हमारे यहां नहीं होती, वह नृत्य जानती हैं।

शरद के बयान से सदन तो ठहाको से गूंज उठा, लेकिन डीएमके सांसद कनिमोझी ने कड़ी आपत्ति जताई। उस समय शरद यादव ने कहा कि मैं खूबसूरती की तारीफ की कर रहा हूं, आप मुझ पर केस चला दोगे। उन्होंने कनिमोझी को नसीहत दी कि हर समय गंभीर बहस नहीं हो सकती है।

हालांकि पी राजीव और डीपी त्रिपाठी ने जब शरद यादव को रोका तब जाकर वह बिल पर बोलना शुरु किए। शरद के बयान से गुस्से में दिख रही क‌निमोझी को एनसीपी के प्रफुल्ल पटेल और तृणमूल के डेरेक ओ ब्रायन ने शांत कराया।
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शरद यादव का पूरा भाषण यहां सुनें

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