जनता दल यूनाइटेड के अध्यक्ष शरद यादव ने वोट की तुलना बेटी की इज्जत से की।
यादव ने बुधवार को कहा कि बेटी से बढ़कर वोट की इज्जत है। बेटी की इज्जत जाती है तो परिवार और मोहल्ले की इज्जत जाती है लेकिन वोट की इज्जत जाने पर देश की इज्जत चली जाती है। इसलिए शराब और नोट के लिए गलत लोगों को वोट नहीं देना चाहिए।
शरद यादव मध्य प्रदेश के जबलपुर में राजा रघुनाथ और कुंवर शंकर शाह के बलिदान दिवस पर जदयू और गोडवांना गणतंत्र पार्टी (गोगपा) की सभा में बोल रहे थे।
उन्होंने आदिवासी नेता की बात पर जोर देते हुए कहा कि रानी लक्ष्मीबाई, तात्या तोपे, भगत सिंह व चंद्रशेखर आजाद का शहादत दिवस मनाया जाता है। उनके लिए हमारे दिल में सम्मान है। राजा शंकर शाह और रघुनाथ शाह को अंग्रेजों ने तोप के मुंह में बांधकर उड़ा दिया था, लेकिन वो आदिवासी थे इसलिए उनकी शहादत को स्थान नहीं मिला।
शरद ने कहा कि देश में नौ करोड़ से ज्यादा आदिवासी हैं और देश के किसी भी समुदाय से अधिक हैं लेकिन देश को अभी तक कोई आदिवासी प्रधानमंत्री नहीं मिला है।
उन्होंने कहा कि आदिवासी क्षेत्रों में खनिज सम्पदा का भंडार है। देश में 81 प्रकार की खनिज सम्पदा है, जो आदिवासियों के पैरों के नीचे है। इसके बावजूद भी आदिवासियों की आर्थिक स्थिति बहुत खराब है।
इस मौके पर गोगपा के राष्ट्रीय अध्यक्ष हीरा सिंह मरकाम ने भी शरद यादव की बात का समर्थन किया और शहीद राजा रघुनाथ शाह व कुंवर शंकर शाह के बलिदान स्थल पर स्मारक तैयार करने घोषणा भी की।