एनसीपी सुप्रीमो शरद पवार मुंबई में राहुल गांधी की चुनावी रैली में रविवार को गैरहाजिर रहे। इससे एक बार फिर यह चर्चा शुरू हो गई है कि क्या शरद पवार कांग्रेस उपाध्यक्ष राहुल गांधी को नेता नहीं मानते?
मुंबई में कांग्रेस अध्यक्ष सोनिया गांधी की रैली होनी थी लेकिन ऐन वक्त पर उनकी तबीयत नासाज होने के कारण उनके बजाय राहुल वहां पहुंचे। कांग्रेस-एनसीपी की इस संयुक्त रैली में शरद पवार के भी आने की सूचना थी लेकिन सोनिया के कार्यक्रम में परिवर्तन के बाद पवार ने भी कन्नी काट ली।
गत अक्तूबर में पवार ने राहुल के नेतृत्व में काम करने में असहजता जताई थी। उन्होंने कहा था कि उनमें और राहुल में काफी जनरेशन गैप है। इसलिए जरूरत है कि राहुल अभी अपना नेतृत्व साबित करें। इससे राहुल के मंच से पवार की अनुपस्थिति का अंदाजा लगाया जा रहा है। इस संबंध में एनसीपी ने सफाई दी है कि हेलीकाप्टर में तकनीकी खराबी के चलते पवार नहीं पहुंच सके। एनसीपी की ओर से मुंबई शहर के प्रभारी मंत्री जयंत पाटिल और गृहनिर्माण राज्यमंत्री सचिन अहिर ने राहुल के साथ मंच साझा किया।
मोदी पर निशाना, इलाज की गारंटी का वादा
राहुल रैली में करीब तीन घंटे की देरी से पहुंचे, उन्होंने भाजपा के प्रधानमंत्री पद के उम्मीदवार नरेंद्र मोदी के विकास मॉडल पर जमकर निशाना साधा। उन्होंने व्यंग्य किया कि गुजरात का 60 साल में कोई विकास नहीं हुआ, बस मोदी आए और एक मिनट में गुजरात को चमका दिया।
राहुल ने वादा किया कि केंद्र में यूपीए की सरकार आने पर इलाज की गारंटी भी दी जाएगी। उन्होंने मुंबई-दिल्ली इंडस्ट्रियल कॉरिडोर के माध्यम से मध्य वर्ग के 70 करोड़ लोगों का जीवनस्तर ऊंचा उठाने के अलावा मेड इन चाइना की तर्ज पर मेड इन मुंबई प्रोडक्ट तैयार कराने का भरोसा दिया।
उन्होंने कहा कि कांग्रेस की विचारधारा मुंबई के डीएनए में है क्योंकि यहां भाईचारा है। राहुल ने कहा कि मोदी मुंबई में एक्टिंग की यूनिवर्सिटी खोलना चाहते हैं, गरीब को खाना नहीं देना चाहते।
पवार चालाक नेता हैं: मोदी
भाजपा के प्रधानमंत्री पद के उम्मीदवार नरेंद्र मोदी ने रविवार को एनसीपी प्रमुख शरद पवार को चालाक नेता करार दिया। उन्होंने कटाक्ष करते हुए कहा कि केंद्रीय कृषि मंत्री ने ऐसे समय लोकसभा चुनाव नहीं लड़ने का फैसला किया, जब जान गए कि वह चुनाव नहीं जीत पाएंगे। यहां एक रैली में उन्होंने कहा, ‘जब भी लोग शरद पवार के बारे में बात करते तो लोग उन्हें चालाक नेता बताते। अब मैं समझा कि आखिर उन्हें यह क्यों कहा जाता है। उन्हें हवाओं का रुख पता है। इसलिए उन्होंने चुनाव नहीं लड़ने में ही भलाई समझी, ताकि उन्हें हार का मुंह नहीं देखना पडे़।’ कई बार लोकसभा के लिए चुने गए पवार इस बार राज्यसभा से संसद पहुंचे हैं।
मोदी भाजपा उम्मीदवारों जलगांव से एटी नाना पाटिल और रावेर से रक्षा खडसे के समर्थन में रैली को संबोधित कर रहे थे। मोदी ने पवार से पूछा कि कपास पैदा करने वाले किसान अपना उत्पाद गुजरात में क्यों बेचते हैं? पवार खुद को किसानों का नेता बताते हैं। मगर उन्होंने उन किसानों के लिए क्या किया? आखिर किसानों को उनके कपास की उचित कीमत महाराष्ट्र में ही क्यों नहीं मिलती। मोदी ने दावा किया कि किसानों को अपने उत्पाद की महाराष्ट्र से डेढ़ गुना ज्यादा कीमत गुजरात में मिलती है।