एनडीए के प्रमुख घटक दल जद (यू) ने संघ प्रमुख मोहन भागवत के खिलाफ पार्टी प्रवक्ता शिवानंद तिवारी के बयान से खुद को अलग कर लिया है। पार्टी प्रमुख शरद यादव ने कहा कि तिवारी के विचार उनकी व्यक्तिगत राय है।
उन्होंने कहा, ‘मैं यह स्पष्ट करना चाहता हूं कि तिवारी द्वारा व्यक्त किये गये विचार उनके खुद के हैं और इसके लिए उन्होंने पार्टी से मंजूरी नहीं ली है।’ पार्टी महासचिव शिवानंद तिवारी ने कहा था कि मोहन भागवत और भड़काऊ भाषण देने वाले एमआईएम के विधायक अकबरूद्दीन ओवैसी एक ही सिक्के के दो पहलू हैं। मोहन भागवत ने कहा था कि महिलाएं शादी के अनुबंध में बंधी हैं और पति की सेवा करना उनका कर्तव्य है।
इस पर सफाई देते हुए शरद यादव ने कहा, ‘ये उनके व्यक्तिगत बयान हैं और पार्टी का इससे कुछ लेना देना नहीं है।’ हालांकि उन्होंने तिवारी के खिलाफ अनुशासनात्मक कार्रवाई करने से इन्कार कर दिया। भाजपा ने तिवारी के बयान पर कड़ी आपत्ति जताई है।
इस संबंध में शरद यादव ने कहा कि हमें यह सुनिश्चित करना चाहिए कि जो हमारे साथ काम करते हैं, उनकी भावनाएं आहत न हों। ऐसी चीजें नहीं होनी चाहिए। भाजपा के साथ हमारा पुराना गठबंधन है और भविष्य में भी बना रहेगा। उन्होंने कहा कि इस मुद्दे पर विवाद अब यहीं खत्म हो जाना चाहिए क्योंकि भाजपा और आरएसएस दोनों के नेताओं ने विस्तार से अपना रुख बता दिया है।
शरद यादव ने आंध्र प्रदेश के विधायक ओवैसी के खिलाफ कड़ी कार्रवाई किए जाने की मांग की है। साथ ही खाप पंचायतों पर अपने विचार व्यक्त करते हुए उन्होंने कहा कि खाप पंचायत पूरी तरह से अवैध हैं और मैंने कभी भी इनका समर्थन नहीं किया।
झारखंड में सरकार गिरने के बाद बनी राजनीतिक अस्थिरता के माहौल के बारे में यादव ने कहा कि झारखंड में राजनीतिक स्थिरता एक बड़ी समस्या है। हमारे लोग भाजपा नेताओं के साथ मिलकर वहां भविष्य की रणनीति तय करेंगे।