पूर्व केंद्रीय कानून मंत्री और वरिष्ठ अधिवक्ता शांति भूषण को स्टांप ड्यूटी चोरी मामले में इलाहाबाद हाईकोर्ट ने तगड़ा झटका दिया है। बंगले की कम स्टांप ड्यूटी जमा करने के मामले में दाखिल शांति भूषण की याचिका को हाईकोर्ट ने खारिज कर दी है और एक महीने के अंदर एक करोड़ 34 हजार रुपए की बकाया स्टांप ड्यूटी जमा करने का आदेश दिया है।
शांति भूषण की याचिका राजस्व परिषद ने भी खारिज कर दी थी। इसे हाईकोर्ट में चुनौती दी गई थी। हाईकोर्ट ने शांति भूषण पर एआईजी स्टांप द्वारा लगाया गया 27 लाख रुपए का अर्थदंड माफ कर दिया है लेकिन बकाया एक करोड़ 34 लाख रुपए की स्टांप ड्यूटी जमा करने का निर्देश दिया है। शांति भूषण की याचिका पर सुनवाई कर रहे न्यायमूर्ति सुनील हाली ने यह आदेश दिया।
उल्लेखनीय है कि शांति भूषण ने इलाहाबाद में एल्गिन रोड पर स्थित हरिमोहन दास टंडन के बंगले के विक्रय का करार 1966 में किया था। इसकी रजिस्ट्री के लिए उन्होंने 26 नवंबर 2000 को बंगले की कीमत कम दिखाते हुए 44 हजार 800 रुपए के स्टांप के साथ कागजात रजिस्ट्री कार्यालय में प्रस्तुत किए।
उपनिबंधक कार्यालय ने कम स्टांप ड्यूटी लगाने पर आपत्ति की। शांति भूषण ने बंगले का खरीद मूल्य 6 लाख 66 हजार रुपए बताया था। 7818 वर्ग मीटर कुल क्षेत्रफल के बंगले में 970 वर्ग मीटर पर निर्माण हुआ है। विभाग की आपत्ति थी कि शांति भूषण ने मौजूदा सर्किल रेट से स्टांप ड्यूटी नहीं दी है।