चीन की यह कुछ तस्वीरें तेज गति से हुए विकास की कहानी बयां करती हैं। इन तस्वीरों के मुताबिक शंघाई में लगातार हुए बदलावों ने उसे आज भविष्य की मेगासिटी में तब्दील कर दिया है।
इसके साथ ही 26 साल में हुए विकास का ही परिणाम है कि पुडोंग में छोटी फैक्टरियों और गोदामों की जगह आज गंगनचुंबी इमारतों ने ले ली है।
यहां दी गई पुडोंग की पहली तस्वीर वर्ष 1987 में ली गई है जब शंघाई की जनसंख्या एक करोड़ 10 लाख थी। तब यह अल्पविकसित क्षेत्र था और यहां छोटे-छोटे कारखाने थे।
दूसरी तस्वीर 2013 की है, जिसमें पुडोंग का तेजी से विकसित होना साफ दिख रहा है।
तस्वीर में दिख रही बड़ी-बड़ी इमारतों की भव्यता अब पुडोंग को अलग पहचान देती हैं। इतना ही नहीं, हाल में दुनिया की दूसरी सबसे ऊंची इमारत घोषित हुआ 2,073 फीट ऊंचा शंघाई टावर इसे और खास बना देता है।
शंघाई का चेहरा बदलने की कवायद अरबों के बजट के साथ वर्ष 1980 से शुरू हुई थी, जब चीन ने अपनी अर्थव्यवस्था को दुनिया के लिए खोलना शुरू किया था। 1990 में पुडोंग के विकास के लिए उसे विशेष आर्थिक जोन बनाने की योजना बनाई गई और तीन साल बाद पुडोंग को एक नए क्षेत्र के रूप में पहचान मिल गई।
चीन के इस फाइनेंशियल हब के लिए तीन गगनचुंबी इमारतों की योजना बनाई गई थी। इनमें वर्ष 1999 में बना 1,381 फीट का जिन माओ टावर, वर्ष 2008 में खुला 1,641 फीट का शंघाई वर्ल्ड फाइनेंशियल सेंटर और शंघाई टावर शामिल है।
पुंडोग कुछ समय पहले खेतों से भरा इलाका था, जो अब शंघाई स्टॉक एक्सचेंज, शहर के अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डे और दुनिया की दूसरी सबसे ऊंची इमारत का घर बन चुका है।
शंघाई टावर के निर्माण से जुड़े मुख्य डिजाइनर का कहना है कि शहर में हुआ बदलाव एक सपने की तरह है। यह अद्भुत है और कुछ समय बाद आप इसे देखकर हैरान हो जाएंगे।