मुंबई की जेल में गैंगस्टर अबू सलेम पर हुए हमले में सलेम की जान उसी बंदूक ने बचा ली जिससे उस पर हमला हुआ था। सलेम को मारने के लिए विदेशी बंदूक का इंतजाम किया गया था लेकिन मौके पर पहुंची देसी बंदूक।
सलेम पर हमला करवाने वाले अपराधी छोटा शकील ने एक मध्यस्थ को विदेशी हथियार खरीदने के लिए पांच लाख रुपए दिए थे।
मध्यस्थ को यह हथियार हमले के लिए देवेंदर जगताप को देनी थी लेकिन उसने बीच में गड़बड़ी कर विदेशी के बजाए केवल 20 हजार रुपए की देसी बंदूक खरीद कर दी। यह बंदूक सलेम पर हमले के दौरान जाम हो गई और चली ही नहीं।
तीन राउंड फायरिंग के बाद भी बची जान
पिछले रविवार को तलोजा जेल में जगताप ने सलेम पर तीन राउंड फायरिंग की थी। इसमें से एक गोली का निशाना चूक गया, एक गोली सलेम के हाथ पर लगी और तीसरी बार गोली चलाते समय बंदूक जाम हो गई।
पुलिस के अनुसार मध्यस्थ को 15 या 20 दिन पहले पांच लाख रुपए दिए गए लेकिन उसने सोचा की जब घर की बंदूक से काम चल रहा है तो दो या तीन लाख रुपए क्यों खर्च किए जाएं।
जगताप ने नवी मुंबई पुलिस क्राइम ब्रांच को बताया की उसे सलेम पर हमला करने के लिए छोटा शकील ने कहा था और मनोज लहमने से उसे हथियार मिला था। मनोज को पुलिस ढूंढ रही है, उससे मध्यस्थ के बारे में और जानकारियां मिलने की संभावना है।
जगताप की पत्नी से पूछताछ
पुलिस अब तक इस हमले के पीछे के कारण को ढूंढ रही है। इसके लिए सोमवार को पुलिस ने जगताप की पत्नी हर्षदा और मां से डोम्बिवली में पूछताछ की। जगताप के साथी करण के साथ हर्षदा, वकील शहीद आजमी हत्या मामले में सुनवाई के दिन जगताप से मिलने आई थी।
सलेम पर हमले के बाद छोटा शकील ने इस हमले की जिम्मेदारी ली थी। इसके बाद शहर में क्राइम ब्रांच के जबरन वसूली सेल ने दाउद के भाई इकबाल कासकर, शकील के बहनोई और एक अन्य गैंगमेन अहमद लंगड़ा के खिलाफ समन जारी किया है। कासकर अपना बयान दर्ज करा चुका है।