इंडियन मुजाहिदीन से संबंधित विवादित बयान के बाद कांग्रेस महासचिव शकील अहमद ने पार्टी अध्यक्ष सोनिया गांधी से मुलाकात की।
मुलाकात के बाद अहमद ने अपने बयान को लेकर सफाई दी है कि उन्होंने सिर्फ राष्ट्रीय जांच एजेंसी (एनआईए) के आकलन को ही सामने रखा है। उन्होंने खुद की ओर से कोई आरोप नहीं लगाया है। साथ ही उन्होंने भाजपा पर एनआईए के तथ्यों से ध्यान भटकाने का आरोप लगाया।
शकील अहमद ने अपने ट्वीट में कहा था कि इंडियन मुजाहिदीन का गठन गुजरात दंगों के बाद हुआ। पार्टी ने उनके इस बयान से दूरी बना ली थी।
मंगलवार को भी पार्टी ने दूरी बनाते हुए कहा कि जब पार्टी के नेता ने अपनी बात सामने रख दी है तो अब कांग्रेस के लिए इस पर ज्यादा कुछ कहने की गुंजाइश नहीं है। मगर पार्टी इस बात का जवाब नहीं दे पाई कि क्या वह शकील अहमद की इस बात से सहमत है अथवा नहीं।
पार्टी प्रवक्ता राज बब्बर ने कहा कि इस मसले पर पार्टी का कोई रुख नहीं है। अहमद ने अपनी बात स्पष्ट कर दी है।
उधर, शकील अहमद ने मंगलवार को इस बात को गलत बताया कि पार्टी अध्यक्ष सोनिया गांधी ने उन्हें तलब किया था। उन्होंने कहा कि वह विदेश दौरे पर जा रहे हैं। लिहाजा कांग्रेस अध्यक्ष को इसकी जानकारी देने गए थे।