इशरत जहां एनकाउंटर मामले में सीबीआई को गहरी साजिश के ठोस सुराग मिल रहे हैं।
मामले में संदिग्ध आईबी के संयुक्त निदेशक राजेंद्र कुमार की संलिप्तता और अन्य आरोपियों के साठगांठ को पुख्ता करने में लगी सीबीआई ने अदालत से और वक्त मांगने का फैसला किया है।
सीबीआई बुधवार को गुजरात हाईकोर्ट में इस मामले की स्टेटस रिपोर्ट दायर करेंगी। साथ ही वह अतिरिक्त चार्जशीट दायर करने के लिए अगस्त के पहले हफ्ते तक का समय मांगेगी। अतिरिक्त चार्जशीट 26 जुलाई को दाखिल की जानी थी।
सीबीआई निदेशक रंजीत सिन्हा ने मंगलवार को कहा कि इशरत एनकाउंटर के एक साल पहले हुए सादिक जमाल एनकाउंटर में भी राजेंद्र कुमार की भूमिका की जांच चल रही है।
गौरतलब है कि इशरत मामले की पहली चार्जशीट दायर करने के बाद एजेंसी ने अतिरिक्त चार्जशीट में एनकाउंटर की साजिश और राजेंद्र कुमार की भूमिका को शामिल करने की योजना की जानकारी अदालत को दी थी।
सिन्हा के मुताबिक सीबीआई राजनीतिक साजिश शब्द का इस्तेमाल नहीं कर रही है, लेकिन इतना सच है कि यह मामला सिर्फ राजेंद्र कुमार और गुजरात पुलिस के अधिकारियों तक सीमित नहीं था।
शोहराबुद्दीन, इशरत जहां और सादिक जमाल एनकाउंटर के तार एक दूसरे से जुड़े हैं। एक एनकाउंटर में शामिल अधिकारी बाकी मामलों में भी आरोपी हैं। सीबीआई को मिले सुरागों के मुताबिक सभी एनकाउंटर एक ही साजिश के तहत किए गए हैं।