इंडियन मुजाहिदीन पर दिए गए बयान को लेकर कांग्रेस नेता शकील अहमद आरएसएस के निशाने पर आ गए हैं। आरएसएस नेता राम माधव ने शकील अहमद पर पलटवार करते हुए कहा है कि वो आतंकी संगठन के प्रवक्ता की तरह बोल रहे हैं।
बीजेपी अध्यक्ष राजनाथ सिंह के साथ अमेरिका की यात्रा पर गए आरएसएस नेता राम माधव ने ट्वीट किया है कि शकील अहमद इंडियन मुजाहिदीन के प्रवक्ता की तरह बर्ताव कर रहे हैं। उन्होंने कहा शकील अहमद जिस तरह आतंकी घटनाओं का बचाव कर रहे हैं वो चौंकाने वाला है।
'गुजरात दंगों की उपज है इंडियन मुजाहिदीन'
आपको बता दें कि शकील अहमद ने ट्वीट कर कहा था कि 2002 के गुजरात दंगों की वजह से ही इंडियन मुजाहिदीन का गठन हुआ था। यहां तक कि भाजपा और संघ ने अब भी सांप्रदायिक राजनीति को बंद नहीं किया है। यदि वे सांप्रदायिक राजनीति छोड़ दें तो आईएम जैसे आतंकी संगठन तैयार होना बंद हो जाएंगे।
अहमद ने आरोप लगाया कि देश में सांप्रदायिकता का मुख्य स्रोत संघ और भाजपा ही है।
'नए तरीके से इतिहास लिखना चाहते हैं अहमद'
इधर भाजपा के वरिष्ठ नेता अरुण जेटली ने कहा कि महंगाई, सुशासन, विकास जैसे मुद्दों पर चौतरफा नाकाम यूपीए सरकार अब राष्ट्रीय सुरक्षा का भी सांप्रदायिक बनाने में जुटी है।
उन्होंने कहा कि कांग्रेस प्रवक्ता शकील नये तरीके से इतिहास लिखना चाहते हैं। उन्हें मुंबई के आतंकी हमलों में आईएम की भूमिका भी याद रखनी चाहिए।
उन्होंने कहा कि सिमी पर एनडीए सरकार के प्रतिबंध लगाने के बाद पाकिस्तान की शह पर आईएम अस्तित्व में आया क्योंकि पाकिस्तान को सिमी पर प्रतिबंध लगने के बाद मुश्किल हो रही थी।
उन्होंने कहा कि देश के ज्यादातर आतंकी हमलों में इसी संगठन का हाथ रहा है। आज जब कांग्रेस के प्रथम परिवार का करिश्मा खत्म जैसा हो चुका है, तो असली मुद्दों की बजाय सांप्रदायिक मुद्दों को हवा दे रही है।
भाजपा अध्यक्ष राजनाथ सिंह के साथ अमेरिका के दौरे पर गये संघ नेता राम माधव ने कांग्रेस पर निशाना साधा है। उन्होंने ट्विटर पर लिखा कि शकील अहमद का आतंकवाद को उचित ठहराना हैरान करने वाला कदम है। यह कांग्रेस ब्रांड की राजनीति है, जिसने भारत में आतंकवाद के सभी स्वरूपों को पैदा किया।
भाजपा के इस जवाबी हमले के बाद बचाव में उतरीं कांग्रेस प्रवक्ता रेणुका चौधरी ने शकील की राय से किनारा करते हुए कहा कि यह पार्टी का नजरिया नहीं है।
मगर साथ ही मोदी पर प्रहार जारी रखते हुए रेणुका ने कहा कि गुजरात में एक समुदाय विशेष को निशाना बनाया गया, जो कहीं भी नहीं हुआ और यह बात जगजाहिर है।