बॉलीवुड अभिनेता शाहरुख खान के एक इंटरव्यू ने नया विवाद पैदा कर दिया है। अंग्रेजी पत्रिका आउटलुक टर्निंग प्वांइट्स को दिए इंटरव्यू में उन्होंने कहा था कि भारत में मुसलमान होने की कुछ समस्याएं भी हैं।
उन्होंने कहा है कि मुसलमान होने के कारण उन्हें बेवजह राजनीतिक नेताओं द्वारा निशाना बनाया जाता रहा है। शाहरुख के बयान पर जमात-उद-दावा सरगना हाफिज सईद ने खुशी जाहिर करते हुए कहा कि शाहरुख चाहें तो पाकिस्तान आकर रह सकते हैं, उन्हें पूरी आजादी मिलेगी।
शाहरुख ने अपना बयान 11 सितंबर के बाद के माहौल में भारत में मुसलमान की स्थिति से जुड़े एक सवाल के जवाब में दिया था।
उन्होंने इंटरव्यू में कहा था, 'मैं कभी कभी बेवजह राजनीतिक नेताओं के निशाने पर होता हूं जो ये समझते हैं कि भारत में मुसलमानों के साथ जो भी गलत और राष्ट्र विरोधी है मैं उसका प्रतीक हूं।'
शाहरुख ने कहा का कि मुझ पर कई बार आरोप लगे हैं कि मैं पड़ोसी देश के प्रति अधिक भावनाएं रखता हूं न कि अपने देश के प्रति।
संभावना जताई जा रही है कि शाहरुख ने ये बयान कट्टरपंथी नेताओं के संदर्भ में दिया है लेकिन जमात-उद-दावा सरगना हाफिज सईद ने उनके बयान पर टिप्पणी कर एक नए विवाद को जन्म दे दिया है।
हाफिज सईद ने एक एक्सप्रेस टीवी को दिए इंटरव्यू में कहा है कि शाहरुख खान का हम पाकिस्तान में स्वागत करते हैं और वो जब तक चाहें यहां रह सकते हैं। वहीं शाहरुख ने हाफिज सईद के बयान पर टिप्पणी करने से इनकार कर दिया है।