गृह सचिव आरके सिंह ने पाक गृहमंत्री रहमान मलिक के बॉलीवुड अभिनेता शाहरुख खान को सुरक्षा देने संबधी बयान पर कड़ी प्रतिक्रिया जाहिर की है। उन्होंने कहा है कि भारत अपने नागरिकों की सुरक्षा करने में सक्षम में है। पाकिस्तान को शाहरुख खान की चिंता छोड़कर अपन नागरिकों की सुरक्षा की चिंता करनी चाहिए।
उन्होंने कहा कि अपने नागरिकों की सुरक्षा करना हमारा काम है। इस बारे में किसी को बताने की जरूरत नहीं है। हमें किसी नसीहत की जरूरत नहीं है।
पाक गृहमंत्री के बयान पर ऐतराज जताते हुए भाजपा प्रवक्ता मुख्तार अब्बास नकवी ने केंद्र सरकार से पाक उच्चायुक्त को बुलाने और इस मामले में कड़ी प्रतिक्रिया जताने को कहा है। भाजपा ने इस मुददे पर रहमान मलिक से माफी की मांग की है।
शिवसेना ने रहमान मलिक के बयान पर प्रतिक्रिया जाहिर करते हुए कहा है कि पाकिस्तान राष्ट्रपति आसिफ अली जरदारी और रहमान मलिक जितने सुरक्षित नहीं हैं, उससे ज्यादा सुरक्षित हिंदुस्तान में शाहरुख खान हैं।
पार्टी के मुखपत्र 'सामना' के संपादक प्रेम शुक्ला ने कहा कि पाकिस्तान में जब सेना की बंदूकें तन जाती हैं तो आसिफ अली जरदारी को भागने के लिए विमान तैयार करना पड़ता है। उन्होंने कहा है कि शाहरुख खान को सुरक्षा दिए जाने की मांग कर पाक अंतरराष्ट्रीय बिरादरी में भारत को बदनाम करने की साजिश कर रहा है।
गौरतलब है कि शाहरुख खान ने आउटलुक टर्निंग प्वाइंट्स नामक एक पत्रिका को दिए साक्षात्कार में कहा था कि भारत में मुसलमान होने की कुछ समस्याएं भी हैं। उन्होंने ये बयान 9/11 के बाद मुसलमानों की स्थिति को लेकर पूछे गए एक सवाल के जवाब में दिया था।
उनके बयान का राजनीतिक फायदा लेने की कोशिश में जमात-उद-दावा सरगना हाफिज सईद ने कहा कि शाहरुख चाहें तो पाकिस्तान में आकर रह सकते हैं और उन्हें यहां पूरी आजादी मिलेगी। इसके बाद शाहरुख के बयान पर विवाद होना शुरू हो गया।
पाकिस्तान के गृहमंत्री रहमान मलिक ने ये कहकर कि भारत सरकार को शाहरुख खान को सुरक्षा मुहैया करानी चाहिए, इस विवाद को और हवा दे दी। राजनीतिक हलकों में शाहरुख से भी अपने बयान पर सफाई देने की मांग की जा रही है।