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पेशा नहीं बदलना चाहतीं सेक्स वर्कर

Thu, 20 Sep 2012 02:01 PM IST
शैली खुल्लर/फरीदाबाद
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रेडक्रॉस सोसायटी के ट्रांसलेटेड इंटरनेशनल प्रोजेक्ट (टीआई) की एक रिपोर्ट में बताया गया है कि फरीदाबाद में 800 महिला सेक्स वर्कर हैं। प्रोजेक्ट के दौरान इन महिलाओं को जीविका अर्जित करने के लिए रोजगारपरक प्रशिक्षण देने का प्रयास किया गया, लेकिन उन्होंने किसी अन्य कार्य को करने में रुचि नहीं दिखाई। ये सेक्स वर्कर आर्थिक कारणों से अपने पेशे को नहीं छोड़ना चाहती हैं।
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हरियाणा सरकार द्वारा स्वास्थ्य को लेकर कई सावधानियां व जीविका अर्जित करने के लिए अन्य विकल्पों के बताए जाने के बाद भी महिला सेक्स वर्कर अपने काम को बदलना नहीं चाहतीं। इसके बाद इन महिलाओं में एचआईवी के प्रति जागरूकता लाने के लिए टीआई प्रोग्राम शुरू किया गया है। विशेषज्ञों के अनुसार, यह ग्रुप अधिक संवेदनशील ग्रुपों (एचएसजी-सेक्स वर्कर्स) में से एक है, जिसके चलते इस ग्रुप से जुड़े लोगों में एचआईवी या अन्य एसटीडी संक्रमण की संभावना अन्य लोगों से ज्यादा होती है।

रेडक्रॉस सोसायटी सचिव डीआर शर्मा ने बताया कि इनके स्वास्थ्य को लेकर सतर्कता बरती जा रही है। इन्हें सावधानियां बरतने के लिए बताया जा रहा है। ताकि ये स्वंय भी स्वस्थ रहें व अन्य को भी अस्वस्थ न कर सकें।
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घर से निकाली गई महिलाएं अधिक
प्रोजेक्ट मैनेजर सुशील ने बताया कि अधिकतर महिलाएं घर से निकाली हुई हैं। इसके कई कारण हैं। जैसे पारिवारिक कलह, प्रेम प्रसंग में धोखा आदि। उन्होंने बताया कि कुछ महिलाएं अपने परिवार की माली स्थिति में सुधार करने के लिए भी इस पेशे में हैं।

नहीं बदलना चाहतीं हैं काम
सोसायटी ने इस ग्रुप की करीब 70 महिलाओं को वोकेशनल कोर्स जैसे सिलाई, कढ़ाई, कंप्यूटर आदि सिखाने का प्रयास किया। लेकिन बैच में शामिल महिलाओं ने अपना काम नहीं बदला और कोर्स सीखने की जगह वहां जाना ही बंद कर दिया। अधिकारियों के अनुसार, सेक्टर-12 स्थित रेडक्रॉस कार्यालय में प्रथम बैच में शामिल महिलाओं के साथ बैठक की गई तो उन्होंने कहा कि अपने मौजूदा काम में अधिक पैसा कमाती हैं। जिसके चलते वे अपना काम नहीं बदलना चाहती।

300 सेक्स वर्कर्स की जांच
प्रोग्राम के तहत 800 महिला सेक्स वर्कर्स का पंजीकरण कर इनकी एचआईवी जांच करवाई जा रही है। अभी तक 300 महिलाओं की जांच हो चुकी है, जिसमें से एक एचआईवी पॉजिटिव है।
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