आदर्श हाउसिंग घोटाले की जांच कर रहे न्यायिक आयोग ने कहा है कि महाराष्ट्र के पूर्व मुख्यमंत्री अशोक चह्वाण ने अपने रिश्तेदारों को फायदा पहुंचाया है।
आयोग की रिपोर्ट में कहा गया है कि चह्वाण की गतिविधियों और उनके रिश्तेदारों को ओर से उठाए गए फायदों में सीधा संबंध है।
रिपोर्ट में सिर्फ चह्वाण ही नहीं बल्कि पूर्व मुख्यमंत्रियों विलासराव देशमुख, सुशील कुमार शिंदे और शिवाजीराव नीलांगेकर को इसके लिए गलत ढंग से जमीन आवंटित करने और निर्माण के अधिकार देने का दोषी ठहराया गया है।
दो सदस्यीय जांच पैनल की 891 पेज की रिपोर्ट में कहा गया है कि दक्षिण मुंबई स्थित 31 मंजिल की आदर्श हाउसिंग सोसाइटी बिल्डिंग का मामला कभी भी पारदर्शी नहीं रहा।
इस आवासीय बिल्डिंग की मंजूरी परस्पर एक दूसरे को फायदा पहुंचा कर ली गई। इसमें चह्वाण के कार्यकाल (दिसंबर, 2008 से लेकर नवंबर 2010 तक) के दौरान उनके तीन करीबी रिश्तेदारों को मेंबरशिप दी गई।
वर्ष, 2002 के दौरान राजस्व मंत्री रहने के दौरान आदर्श हाउसिंग सोसाइटी की फाइल अशोक चह्वाण के पास ही थी। उस दौरान उन्होंने सोसाइटी से कथित तौर पर कहा था कि इसमें 40 फीसदी सदस्यता सिविलयन को भी दी जाए।
जबकि यह कारगिल युद्ध में शहीद हुए सैनिकों के परिजनों के लिए बनाई गई थी। कुछ दरबारी मसलन दिवगंत एमएलसी कन्हैयालाल गिडवानी और आरसी ठाकुर ने सदस्यता के लिए नाम सुझाने में अहम भूमिका अदा की।
इस मामले में उनका कहना आखिरी होता था। जबकि पूर्व मुख्यमंत्री देशमुख ने बिल्डिंग के लिए अतिरिक्त फ्लोर इंडेक्स की मंजूरी दी थी।