मुख्यमंत्री जयललिता के विरोध में गीत लिखने के कारण तमिलनाडु में एक लोकगायक पर देशद्रोह का मुकदमा दर्ज किया गया है। उसने अपने गीत के जरिए राज्य की शराब नीति की आलोचना की थी। त्रिची के 45 वर्षीय लोकगायक एस कोवन पर पुलिस ने शुक्रवार को देशद्रोह का मुकदमा दर्ज किया।
इंडियन एक्सप्रेस की खबर के मुताबिक, साइबर क्राइम पुलिस ने एस कोवन को त्रिची के पास उनके गांव वोराइयुर से गुरुवार-शुक्रवार की आधी रात तकरीबन ढाई बजे गिरफ्तार किया।
एस कोवन एक संस्कृति संगठन 'मक्कल कलाई इलाक्किय कषगम' (पीपुल्स आर्ट्स एंड लिटरेरी एसोसिएशन) के प्रमुख भी है। ये संगठन 30 साल पुराना है, और आर्थिक रूप से पिछड़े तबकों के बीच काम करता है। ये संगठन समाजिक आर्थिक मुद्दों पर लोकगीत और नुक्कड़ नाटक किया करता है।
कोवन के गीतों मे जयललिता की आलोचना
कोवन ने दो गीत लिखें है, जिनमें शराब और राज्य की आर्थिक नीति की कड़ी आलोचना की गई है। एक गाने में राज्य सरकार से अपील की गई है कि वो शराब की दुकानों का बंद कर दे, क्योंकि इसने राज्य को बहुत नुकसान पहुंचाया है।
दूसरे गीत में तमिलनाडु की मुख्यमंत्री जयललिता और उनकी पार्टी की आलोचना की गई है। गीत में कहा गया है कि जयललिता खुद आनंद ले रही हैं, जबकि राज्य के लोग शराब से मर रहे हैं।
कोवन के गीत में ये भी कहा गया है कि तमिलनाडु में शराब के लिए 'मिदास' कंपनी जिम्मेदार है। मिदास से जयललिता की सहयोगी शशिकला का जुड़ाव है। कोवन के दोनों ही गीत सोशल मीडिया पर खूब शेयर किए जा रहे हैं।
सूत्रों का कहना है कि तमिलनाडु में विधानसभा चुनाव के कारण पुलिस पर भी दबाव है, जिसकी वजह से ये कार्रवाई की गई।