पश्चिम एशिया में अपनी सरकार चला रहे अंतरराष्ट्रीय आतंकी संगठन आईएस की जम्मू-कश्मीर में कोई पैठ नहीं है। पिछले दिनों घाटी के कुछ नौजवानों के आईएस का झंडा लहराने की घटनाओं का मकसद वहां तैनात सेना और सुरक्षा एजेंसियों को उकसाना और परेशान करना था। एजेंसियों ने घाटी में झंडा लहराने वाले 14 लड़कों से गहन पूछताछ की है।
एजेंसी के मुताबिक इन किशोरों ने भारत विरोधी तत्वों के बहकावे में ऐसा किया। पूछताछ में इन लड़कों ने बताया कि उनका इराक जाकर आईएस में शामिल होने का कोई इरादा नहीं है।
खुफिया एजेंसी आईबी के उच्चपदस्थ अधिकारी ने अमर उजाला को बताया कि इन लड़कों ने इंटरनेट से आईएस के झंडे की डिजाइन डाउनलोड कर उसे झंडे का शक्ल दिया। फिर मौका पड़ने पर उसे दूर से सुरक्षा बलों को दिखाया करते थे। यह घटना उस समय हुई जब आईएस इराक और सीरिया पर हमले कर रहा था।