एनआरएचएम घोटाले में सीबीआई ने सीनियर आईएएस प्रदीप शुक्ला के खिलाफ दूसरी चार्जशीट कोर्ट में दाखिल कर दी। शुक्रवार को दाखिल की गई चार्जशीट में पहले से ही डासना में बंद जेल यूपी के पूर्व मंत्री बाबू सिंह कुशवाहा, विधायक आरपी जायसवाल, कारोबारी नरेश ग्रोवर के अलावा उत्तर प्रदेश प्रोजेक्ट कारपोरेशन लिमिटेड के जीएम रविंद्र राय और रिटायर्ड एमडी देवेंद्र मोहन का नाम भी शामिल है।
सीबीआई के विशेष न्यायाधीश एस लाल ने चार्जशीट पर संज्ञान लेते हुए आरोपियों की पेशी के लिए 21 दिसंबर की तारीख नियत की है। न्यायाधीश ने जेल में बंद सभी आरोपियों को प्रोडक्शन वारंट और बाकी आरोपियों के लिए समन जारी किए जाने का आदेश दिया है। इससे पूर्व सीबीआई 4 दिसंबर को प्रदीप शुक्ला के खिलाफ आरसी-3ई/2012 में चार्जशीट दाखिल कर चुकी है।
एनआरएचएम घोटाले में 18 जनवरी 2012 को सीबीआई ने एफआईआर संख्या आरसी-2ई/2012 दर्ज की थी। शुक्रवार को सीबीआई लोक अभियोजक बीके सिंह ने चार्जशीट कोर्ट में पेश की। लोक अभियोजक के अनुसार आईएएस प्रदीप शुक्ला और यूपीपीसीएल के जीएम रविंद्र राय के खिलाफ केस चलाने की अनुमति के लिए सीबीआई ने प्रार्थना पत्र दाखिल कर रखा था। 5 दिसंबर 2012 को कार्मिक एवं प्रशिक्षण भारत सरकार के अंडर सेक्रेटरी अनुराग शर्मा ने आईएएस प्रदीप शुक्ला के खिलाफ अनुमति प्रदान कर दी। जबकि रविंद्र राय के खिलाफ यूपीपीसीएल के प्रबंध निदेशक अबरार अहमद ने 11 अक्तूबर 2012 को ही अनुमति प्रदान कर दी थी। अनुमति मिलने के साथ ही सीबीआई ने चार्जशीट दाखिल कर दी।
बता दें कि एनआरएचएम घोटाले में यूपी के पूर्व मंत्री बाबू सिंह कुशवाहा, विधायक आरपी जायसवाल और नरेश ग्रोवर पहले से ही डासना जेल में बंद हैं। जबकि प्रदीप शुक्ला एफआईआर संख्या-3ई/2012 में जमानत पर बाहर हैं। रविंद्र राय और देवेंद्र मोहन की गिरफ्तारी अभी होनी बाकी है।
प्रदीप शुक्ला की गिरफ्तारी संभव
एफआईआर संख्या आरसी-2ई/2012 में चार्जशीट सीबीआई विशेष कोर्ट में दाखिल होने के साथ ही आईएएस प्रदीप शुक्ला की मुसीबत बढ़ गई है। कानून के जानकारों का कहना है कि प्रदीप शुक्ला पहले मामले में जमानत पर हैं। जिस एफआईआर की चार्जशीट शुक्रवार को दाखिल की गई है, उसमें अभी तक प्रदीप शुक्ला को गिरफ्तार नहीं किया गया है। ऐसे में अब उनकी गिरफ्तारी भी संभव है।