नेस्ले की मैगी नूडल्स पर फिर से जांच के बादल मंडराने लगे हैं। सुप्रीम कोर्ट ने आदेश दिया है कि मैगी के नमूनों की जांच मैसूर की सरकारी प्रयोगशाला में की जाए।
सुप्रीम कोर्ट ने मैसूर स्थित सरकारी प्रयोगशाला से इस बाबत स्पष्टीकरण देने को कहा कि क्या मैगी नूडल्स में सीसा और ग्लूटामिक एसिड से संबंधित परीक्षण रिपोर्ट कानून के तहत अनुमति मानकों के दायरे में हैं। शीर्ष अदालत ने मैसूर प्रयोगशाला से मिले दो पत्रों का अध्ययन करने के बाद यह आदेश जारी किया।
प्रयोगशाला ने मैगी के नमूनों में मोनोसोडियम ग्लूटामेट (एमएसजी) के बारे में परीक्षण किया था। इस बीच नेस्ले इंडिया ने दावा किया कि मैगी में सीसा तत्व कानून के मुताबिक था जबकि केंद्र ने सभी मानकों के समग्र परिणामों की जरूरत पर बल दिया।