सुप्रीम कोर्ट ने केंद्र सरकार से पूछा है कि उन सिफारिशों को क्या हुआ जो कालेधन पर गठित विशेष जांच दल (एसआईटी) ने दी थीं। शीर्ष अदालत ने सरकार को 28 अक्टूबर को यह बताने के लिए कहा कि उन सिफारिशों पर क्या कार्रवाई हुई।
साथ ही अदालत ने एसआईटी को सात अक्टूबर तक अगली रिपोर्ट दाखिल करने का निर्देश दिया है। चीफ जस्टिस एचएल दत्तू की अध्यक्षता वाली तीन सदस्यीय पीठ ने गुरुवार को सुनवाई के दौरान एसआईटी की ओर से पेश वरिष्ठ वकील दुष्यंत दवे ने कहा कि छह मई को एसआईटी की तीसरी रिपोर्ट में कालेधन से संबंधित कुछ सिफारिशें दी गई थी लेकिन अब तक केंद्र सरकार की ओर से कोई जवाब नहीं मिला।
इस पर केंद्र सरकार की ओर से पेश अटॉर्नी जनरल मुकुल रोहतगी ने कहा कि उन्हें इस संबंध में फिलहाल कोई निर्देश नहीं है। जिसके बाद पीठ ने सरकार को सुनवाई की अगली तारीख पर एसआईटी द्वारा दी गई सिफारिशों के बारे में जवाब देने के लिए कहा। एसआईटी की सिफारिशों में मनी लाउंडरिंग के लिए दीर्घकालीन कैपिटल गेन पर करों की मिली छूट का दुरूपयोग, पी-नोट का दुरूपयोग आदि महत्वपूर्ण हैं।
साथ ही शीर्ष अदालत ने याचिकाकर्ताओं द्वारा एसआईटी को रिपोर्ट मुहैया कराने के अनुरोध को ठुकरा दिया है।