अगर आप शादी के बाद अपने ससुरालवालों से कुछ मांग करते हैं तो ये दहेज की श्रेणी में आएगा। सुप्रीम कोर्ट ने एक मामले की सुनवाई के दौरान साफ किया कि शादी से पहले कुछ न मांगने वाले भी बाद में दहेज की मांग कर सकते हैं।
दहेज की खातिर पत्नी की जहर देकर हत्या करने और फिर उसे जला देने के आरोपी को मिली आजीवन कारावास की सजा को बरकरार रखते हुए कोर्ट ने यह टिप्पणी की।
जस्टिस एमवाई इकबाल और जस्टिस पिनाकी चंद्र घोष की बेंच ने शादी से पहले दहेज की मांग न करने संबंधी दलील को खारिज कर दिया।
आरोपियों के वकील ने दलील दी थी कि शादी से पहले कोई मांग नहीं की गई थी इसलिए शादी के बाद दहेज मांगने का सवाल ही नहीं उठता। लेकिन कोर्ट ने कहा कि समाज में दहेज की कुरीति इस कदर फैली है कि इसकी मांग कभी भी की जा सकती है।