कुडानकुलम परमाणु संयत्र मामले पर केंद्र और तमिलनाडु सरकार को राहत देते हुए सुप्रीम कोर्ट ने कहा कि संयंत्र सुरक्षित है।
पिछले कुछ महीनों से चल रहे व्यापक विरोध के बीच उच्चतम न्यायालय ने कहा कि संयत्र पूरी तरह से सुरक्षित है और व्यापक स्तर पर जनता की भलाई के लिए जरूरी भी।
सु्प्रीम कोर्ट ने कहा कि यह संयत्र देश के आर्थिक विकास के लिए भी महत्वपूर्ण है। सर्वोच्च पीठ का मानना है कि आज और आने वाली पीढ़ी के लिए परमाणु शक्ति का विकास होना बेहद जरूरी है। सरकार इसकी स्थापना जन-कल्याण के लिए ही कर रही है।
न्यायाधीश के एस राधाकृष्णन और दीपक मिश्रा के नेतृत्व वाली बेंच ने तीन महीने से लंबित चल रहे इस मामले पर फैसला सुनाया।
ज्ञात हो कि न्यूक्लियर प्लांट का विरोध कर रहे कई कार्यकर्ताओं ने पर्यावरण के मद्देनजर इसे बंद करने की याचिका दी थी। उनका कहना था कि संयत्र से निकलने वाला परमाणु कचरा वातावरण के लिए हानिकारक है।
दूसरी तरफ केंद्र सरकार, तमिलनाडु सरकार और न्यूक्लियर पावर कारपोरेशन ऑफ इंडिया लिमिटेड का कहना था कि उन्होंने इसका पूरा ख्याल रखा है।