दिल्ली में लोकसभा चुनावों के बेहद करीब होने के बीच भाजपा सुप्रीम कोर्ट में यह स्पष्ट करने से बच रही है कि राजधानी दिल्ली में वह सरकार बनाना चाहती है या फिर राष्ट्रपति शासन चाहती है। भाजपा इस मसले पर सोमवार को होने वाली सुनवाई में अपने जवाब को लेकर दो सप्ताह का समय दिए जाने की मांग अदालत से करने वाली है। इस संबंध में भाजपा की ओर से अदालत में और समय दिए जाने की मांग को लेकर एक आवेदन दाखिल किया गया है।
वहीं, आम आदमी पार्टी का कहना है कि दिल्ली में सरकार बनाने के मसले पर स्पष्ट पक्ष रखने से भाजपा इसलिए कतरा रही है ताकि 10 अप्रैल को दिल्ली में लोकसभा चुनाव के मतदान में उसका प्रभाव विपरीत न पड़े। मालूम हो कि सर्वोच्च अदालत ने दिल्ली में निर्वाचित सरकार के निलंबित रहने और राजधानी में राष्ट्रपति शासन नहीं घोषित किए जाने के खिलाफ आम आदमी पार्टी (आप) की याचिका पर भाजपा और कांग्रेस को नोटिस जारी किया था।
जस्टिस आरएम लोढ़ा की अध्यक्षता वाली पीठ ने नोटिस जारी कर भाजपा और कांग्रेस से पूछा था कि दिल्ली में सरकार बनाने या न बनाने पर वे अपना स्पष्ट जवाब दें। इस पर भाजपा ने सुप्रीम कोर्ट से जवाब दाखिल करने के लिए दो हफ्ते का और समय दिए जाने की मांग अदालत से की है।