सुप्रीम कोर्ट ने केंद्र सरकार को अरुणाचल प्रदेश के अपदस्थ मुख्यमंत्री नबाम टकी और उनके मंत्रियों के दफ्तरों से जब्त उन तमाम फाइल और दस्तावेजों की प्रति मुहैया कराने का आदेश दिया है, जो राज्यपाल जेपी राजकोहवा के कहने पर जब्त किए गए थे। साथ ही अदालत ने मुख्यमंत्री और उनके मंत्रियों के दफ्तर से जब्त किए गए निजी दस्तावेजों को वापस करने के निर्देश दिए हैं।
मालूम हो कि 26 जनवरी को राज्य में राष्ट्रपति शासन लगाने की अधिसूचना के घंटे भर के भीतर मुख्यमंत्री और मंत्रियों के दफ्तर और आवास से ये तमाम चीजें जब्त की गई थीं। वहीं पूर्व मुख्यमंत्री टकी और एक अन्य कांग्रेसी नेता द्वारा राज्य में राष्ट्रपति शासन लगाने को चुनौती देने वाली याचिका पर केंद्र सरकार को नोटिस जारी किया गया है। न्यायमूर्ति जेएस खेहड़ की अध्यक्षता वाली पांच सदस्यीय संविधान पीठ ने कहा कि ऐसा नहीं है कि वह केंद्र सरकार की अथॉरिटी को चुनौती दे रही है।
पीठ ने कहा कि मुख्यमंत्री और मंत्रियों को ये दस्तावेज लौटाना इसलिए जरूरी है कि वे सुप्रीम कोर्ट में प्रभावी तरीके से अपना पक्ष रख सकें। मालूम हो कि इन नेताओं पर भ्रष्टाचार और आतंकी लिंक सहित कई अन्य आरोप लगाए गए हैं। राज्यपाल द्वारा इस संबंध में दी गई रिपोर्ट के आधार पर केबिनेट ने राज्य में राष्ट्रपति शासन लगाने की सिफारिश की थी। गत 26 जनवरी को राज्यपाल ने आधिकारिक मेमोरेंडम जारी करते हुए अपदस्थ मुख्यमंत्री और उनके मंत्रियों के दफ्तर से आधिकारिक दस्तावेजों और फाइल जब्त करने का निर्देश दिया था। साथ ही उनके दफ्तरों को सील करने के भी निर्देश दिए थे।