एनजीओ फंड की अनियमितता में फंसी सामाजिक कार्यकर्ता तीस्ता सीतलवाड़ और उसके पति की गिरफ्तारी पर अंतरिम रोक को सुप्रीम कोर्ट ने 8 दिसंबर तक के लिए बढ़ा दी है।
वहीं एफसीआरए मामले में तीस्ता की अग्रिम जमानत को निरस्त करने की गुहार संबंधी सीबीआई की याचिका शीर्ष अदालत ने तीस्ता को नोटिस जारी किया है।
न्यायमूर्ति अनिल आर दवे की अध्यक्षता वाली पीठ ने तीस्ता और उसके पति को मिली अंतरिम राहत आठ दिसंबर तक बढ़ाते हुए मामले की सुनवाई एक दिसंबर तक के लिए टाल दी। गौरतलब है कि तीस्ता और उसके पति जावेद पर वर्ष 2002 के गुजरात दंगे में तबाह हुई गुलबर्गा हाउसिंग सोसायटी बनाने के नाम पर धोखाधड़ी करने का आरोप है।
दोनों पर आरोप है कि संग्रहालय के नाम पर दिए जाने वाले तमाम फंड उनके एनजीओ सबरंग ट्रस्ट के खाते में चले गए। ये फंड दंगा पीड़ितों के नाम पर जुटाए गए थे।