अदालती निर्देशों केबावजूद राष्ट्रीय बाल अधिकार संरक्षण आयोग (एनसीपीसीआर) का चेयरपर्सन नियुक्त नहीं किए जाने पर सुप्रीम कोर्ट ने नाराजगी जताई है।
शीर्ष अदालत ने इसे लेकर महिला एवं बाल विकास मंत्रालय पर 25 हजार रुपये का जुर्माना किया है।
न्यायमूर्ति मदन बी लोकुर और न्यायमूर्ति यूयू ललित की सामाजिक न्याय पीठ ने केंद्र सरकार से कहा कि इस संबंध में तीन अदालती आदेश जारी किए गए। करीब डेढ़ साल हो गए लेकिन अब तक एनसीपीसीआर केचेयरपर्सन की नियुक्ति नहीं हुई है।