मुख्य न्यायाधीश एचएल दत्तू ने अदालतों में लंबित मुकदमों की वजह से न्याय की बढ़ती लागत पर चिंता जताई है। जस्टिस दत्तू ने कहा कि न्याय कोई ऐसी वस्तु नहीं है, जिसे लाभ के लिए सर्वोच्च बोली पर बेच दिया जाए।
उन्होंने कहा कि लोगों की न्याय तक वास्तविक पहुंच सुनिश्चित हो, इसके लिए कदम उठाए जाने चाहिए। इस संबंध में उन्होंने मुकदमों के तेजी से निपटारे के लिए लोक अदालतों की प्रशंसा की।
राष्ट्रीय विधि विश्वविद्यालय, जोधपुर के दीक्षांत समारोह में बोलते हुए जस्टिस दत्तू ने कहा कि लोक अदालतों में पहले से दोगुना 1.25 करोड़ मुकदमों का निपटारा होना
इस बात का स्पष्ट संकेत है कि इस तरह से कितने लोग न्याय के लिए बेताब हैं। उन्होंने कहा कि बहुत से ऐसे मामले हैं जो अदालत की चौखट पर आने से पहले
सुलझाए जा सकते हैं। अदालत अंतिम विकल्प होना चाहिए।