प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की विशेष रुचि के कारण विदेशी मीडिया का भी ध्यान बटोर चुकी ‘बेटी बचाओ, बेटी पढ़ाओ’ योजना की पहली चुनौती इसे जिलेवार लागू करना है। हर राज्य की दिक्कत अलग-अलग होने के कारण योजना लागू करने में समस्याएं आ रही हैं।
इससे निपटने और हालात का जायजा लेने के लिए प्रधानमंत्री कार्यालय ने योजना पर विशेष निगरानी रखने का निर्णय लिया है। महिला एवं बाल विकास मंत्रालय को भी समय-समय पर अपनी समीक्षात्मक रिपोर्ट पीएमओ को पेश करने को कहा गया है।
सूत्रों के मुताबिक पीएम के फोकस वाली इस योजना पर अंतरराष्ट्रीय मीडिया की नजर है। अमेरिकी राष्ट्रपति बराक ओबामा की यात्रा में महिला सशक्तिकरण को तवज्जो दिए जाने और गणतंत्र दिवस समारोह में इसकी झलक पेश होने के कारण अब अंतरराष्ट्रीय स्तर पर भी मोदी सरकार से अधिक उम्मीद की जा रही है। यही वजह है कि पीएमओ ने इस पर खुद विशेष निगरानी रखने का निर्णय लिया है।
बताते चलें कि कई अंतरराष्ट्रीय मीडिया हाउस ‘बेटी बचाओ, बेटी पढ़ाओ’ योजना से जुड़ने वाले जिलों की जमीनी स्थिति जानने के लिए जिलेवार दौरा करने की तैयारी में हैं।
महिला एवं बाल विकास मंत्रालय ने सौ चुनिंदा जिलों के जिला अधिकारियों से योजना लागू करने के नौ महीने के बाद इसकी समीक्षात्मक रिपोर्ट पेश करने को कहा है। इन रिपोर्ट को भी पीएमओ की टिप्पणी के लिए भेजा जाएगा। इस आधार पर प्रत्येक जिले के प्रदर्शन को सार्वजनिक भी किया जाएगा।