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सत्यमेव जयते में उठा ऐसा मुद्दा छलक आई आंखें

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आज अपने शो 'सत्यमेव जयते' में अभिनेता आमिर खान ने मानसिक रोगों के बारे में बात की। कार्यक्रम में शुरूआत में आमिर खान ने वीना नाम की एक महिला से मुलाकात कराई जिनकी बेटी ने आत्महत्या कर ली थी।
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मुंबई की रहने वाली वीना ने बताया कि उनकी बेटी बीमार रहती थी, शायद मानसिक रूप से भी परेशान थी और एक दिन उसने अपनी जान दे दी। उनकी बातों को सुनकर आमिर खान भी रो पड़े।

इसके बाद आमिर ने मंच पर बुलाया डॉक्टर हरीश शेट्टी को जो एक साइकियाट्रिस्ट हैं। उन्होंने स्ट्रेस के बारे में बताया और कहा कि ऐसी स्थिति में तत्काल डॉक्टर से सलाह मशविरा करना चाहिए।
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डॉक्टर क्या कहते हैं

डॉक्टर ने मानसिक उदासीनता को लेकर काफी बातें बताईं और कहा कि ऐसे लोगों को बातों को समझना चाहिए। उन्होंने बताया कि ये बीमारियां किसी भी उम्र में हो सकती हैं।

डॉक्टर शेट्टी ने एक रिसर्च के हवाले से बताया कि भारत में हर चार में से एक व्यक्ति को मानसिक बीमारी होती है। उन्होंने बताया कि बच्चों के पास खेलने का टाइम नहीं है, लोगों के पास आपस में बात करने का टाइम नहीं हैं और यही चीज मानसिक उदासीनता को जन्म देती है।

डॉक्टर ने कई तरह की उदासीनताओं के बारे में बताया और कहा कि 50 प्रतिशत लोग तो मेंटल इलनेस को ठीक से समझ ही नहीं पाते हैं। ऐसे लोग मंदिर, दरगाह के चक्कर लगाते हैं लेकिन अपनी बीमारी को नहीं समझ पाते।

आत्महत्या का प्रयास किया

इसके बाद कार्यक्रम में कहानी दिखाई गई मुंबई की रहने वाली अरुणा प्रकाश की। उनकी जिंदगी का एक दौर बहुत खराब था। बच्चे पढ़ लिख कर विदेश सेटल हो चुके थे और अकेलापन उन्हें सताता था। उन्होंने आत्महत्या करने का प्रयास किया।

साथ ही यतिन नाडकर्णी नाम के शख्स से भी मिलवाया गया जिन्होंने आत्महत्या करने का प्रयास किया था। उन्हें एक रिश्ते में चोट मिली थी।

यतिन ने बताया कि बच जाने के बाद वह एक एनजीओ से जुड़ गए और ऐसे लोगों को काउंसलिंग करने लगे जो आत्महत्या करना चाहते थे।

अरुणा ने बताया कि पति की मौत के बाद वह एक बार फिर निराशा से घिर गई थीं लेकिन उन्होंने खुद को इस निराशा के अंधेरे से बाहर निकाल लिया।

रत्ना छिब्बर की कहानी

इसके बाद आमिर ने रत्ना छिब्बर नाम की एक महिला से मिलवाया जिनके भाई मानसिक बीमारी के दौर से गुजर रहे थे। उनकी शादी इससे इतनी प्रभावित हुई कि उन्हें पति और भाई में से एक को चुनना पड़ा।

रत्ना ने अपने संघर्ष की दास्तान सुनाई और अपने भाई से जुड़े किस्से भी। इसके बाद आमिर ने मुलाकात कराई डॉक्टर सुदीप्तो चटर्जी से। उन्होंने बताया कि मानसिक बीमारियों का इलाज किया जा सकता है।

इसके बाद आमिर ने दिखाई मानसिक रोगियों की दुनिया। आमतौर पर मानसिक रोगियों को घरों में कैद कर दिया जाता है या फिर मंदिरों, मस्जिदों, गिरिजाघरों में ले जाया जाता है।
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देखिए पूरा एपिसोड

अगर आप ये एपिसोड ना देख पाएं हों तो अब देख लीजिए। यकीनन ये आपके दिल को छू लेगा।

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