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सुनंदा को सोता छोड़ गए थे शशि थरूर

Sun, 19 Jan 2014 11:31 AM IST
अमर उजाला, नई दिल्ली
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सुनंदा पुष्कर 15 जनवरी की शाम होटल में रहने गई थी। देर शाम शशि थरूर भी होटल में रहने पहुंचे थे। बताया जा रहा है कि दोनों के बीच नोकझोंक हुई थी। जिसके चलते शशि थरूर 17 जनवरी की सुबह करीब 6.30 बजे सुनंदा पुष्कर को सोता हुआ छोड़ कर बाहर चले गए थे।
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पुलिस जांच में यह बात सामने आई है कि जब शशि थरूर ने कमरा छोड़ा था उस समय सुनंदा सोई हुई थीं।

अभी तक की तफ्तीश से इस बात का खुलासा नहीं हो पाया है कि सुनंदा की मौत शुक्रवार सुबह 6.30 बजे से पहले हुई या फिर उसके बाद हुई। सुनंदा बेड पर पीठ के बल लेटी हुई थी। उन्होंने रजाई आधी यानि सीने तक ओढ़ रखा था। सुनंदा ने टीशर्ट और लोअर पहना हुआ था।

अटेंडेंट भी सुनंदा की मौत से था बेखबर

महज कुछ कदम की दूरी पर ड्राइंग रूम में बैठे सुनंदा के अटेंडेंट को भी सुनंदा पुष्कर की मौत की भनक नहीं लगी। अटेंडेंट को ये भी नहीं पता लगा कि सुनंदा की मौत कैसे और कब हुई। अगर हार्टअटैक हुआ तो उसने कुछ हरकत तो की होगी। ऐसे में माना जा रहा है कि नींद की गोलियों की ओवरडोज ही सुनंदा की मौत का कारण बना। वहीं होटल के कमरे से चीखने-चिल्लाने और नोंकझोंक की आवाज सुनने की बात पुलिस पूछताछ में अटेंडेंट ने स्वीकार की है।

पुलिस अधिकारियों के अनुसार सुनंदा ने होटल में जो कमरा लिया था उसमें बाहर ड्राइंग रूम है और अंदर बेडरूम। सुनंदा बेडरूम में सोई हुई थी। ड्राइंग रूम में एक अटेंडेंट हमेशा रहता था। दक्षिण जिला पुलिस अधिकारियों का कहना है कि सुनंदा के शरीर पर चोटें जरूर थीं, मगर ऐसी नहीं कि उससे मौत हो जाए।

दक्षिण जिले के पुलिस अधिकारियों के अनुसार पोस्टमार्टम से इस तरह की कोई बात सामने नहीं आई है जिससे सुनंदा पुष्कर की मौत को हत्या कहा जा सके।

सुनंदा के पेट में नहीं मिला खाना

सुनंदा पुष्कर कई दिनों से खाना नहीं खा रही थीं। दक्षिण जिले के एक वरिष्ठ पुलिस अधिकारी ने बताया कि वह पानी और जूस आदि ही ले रही थीं। बताया जा रहा है कि सुनंदा को खाना खिलाने के लिए जिद भी की गई थी, इसके बावजूद सुनंदा पुष्कर ने खाना नहीं खाया था।

दक्षिण जिला पुलिस अधिकारियों के अनुसार पोस्टमार्टम करने वाले डॉक्टरों का कहना है कि सुनंदा का पेट खाली मिला। करीब 24 घंटे से ज्यादा समय से सुनंदा ने खाना नहीं खाया था। वह नींद की गोलियां एल्प्रेस ले रही थीं। माना जा रहा है कि सुनंदा ने नींद की ज्यादा गोलियों का सेवन कर लिया। पुलिस को मौके से वैपर मिला है, लेकिन दवा की गोलियां आदि मिलने से इंकार कर रहे हैं।

कमरे की फोटोग्राफी करवाई गई
लीला पैलेस होटल के जिस कमरा नंबर 345 से सुनंदा पुष्कर का शव मिला है, दिल्ली पुलिस ने उस कमरे की फोटोग्राफी और वीडियोग्राफी करवाई है। इसके अलावा पुलिस ने कमरे और कमरे के गेट आदि जगहों से फिंगर प्रिंट लिए हैं। दिल्ली पुलिस अधिकारियों का कहना है कि सुनंदा पुष्कर के हाथों की हथेलियों के भी नमूने उठाए गए हैं। इससे ये पता लग सके कि सुनंदा ने हाथों में कोई नशीली अथवा नींद की गोलियां ली थी।

सोमवार तक उठेगा सुनंदा की मौत से पर्दा!

दक्षिण जिला पुलिस ने लीला पैलेस होटल की फुटेज को सुरक्षित रखवा लिए हैं। होटल के कमरे से लेकर लॉबी और मेन गेट तक की सीसीटीवी फुटेज को सुरक्षित रखवाया गया है। दिल्ली पुलिस अधिकारियों के अनुसार 15 जनवरी से सुनंदा की मौत तक की सीसीटीवी निकलवाई गई है। फुटेज को खंगालने में काफी टाइम लगेगा। दक्षिण जिला पुलिस ने मामले की जांच के लिए कई टीमें बना दी है। हर टीम को अलग-अलग काम सौंपा गया है।

दक्षिण जिले के एक अधिकारी ने बताया कि सुनंदा पुष्कर की मौत मामले में एसडीएम आलोक कुमार और पुलिस ने सुनंदा के ड्राइवर लक्ष्मण, कर्मचारी नारायण, शशि थरूर के बेटे और सुनंदा के भाई के बयान कलमबंद किए गए हैं। केंद्रीय मंत्री शशि थरूर समेत करीब तीन से चार लोगों के बयान और लिए जाने हैं। एक-दो दिन में सभी लोगों के बयान ले लिए जाएंगे। इसके बाद सोमवार तक सुनंदा की मौत से पर्दा उठने की संभावना है।

पुलिस अधिकारियों का कहना है कि होटल के कमरे से कुछ भी सीज नहीं किया गया है। कमरे से कोई संदिग्ध वस्तु नहीं मिली है। सुनंदा दो मोबाइल फोन रखती थीं। पुलिस ने सुनंदा के दोनों फोनों को जब्त कर लिया है। पुलिस ये देख रही है कि सुनंदा ने आखिरी फोन किसको किया। पुलिस इसके अलावा बीबीएम को देख रही है। पुलिस को बीबीएम पर कई मैसेज मिले हैं।
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सोशल मीडिया: सुनंदा की मौत पर कई सवाल

पेज थ्री पार्टियों की शान और केंद्रीय मंत्री शशि थरूर की पत्नी सुनंदा पुष्कर थरूर की मौत पर सोशल मीडिया यूजर्स भी शनिवार को एक्टिव रहे। यूजर्स ने सुनंदा की मौत पर सवाल उठाते हुए शशि थरूर को इस दर्द को सहने की शक्ति देने की दुआएं दी है। अधिकतर यूजर्स ने सुनंदा की मौत के बाद जारी पोस्ट के साथ ब्लैक टैग देते हुए एक जिंदादिल महिला के न रहने पर श्रद्धांजलि दी है।

गुल पनाग ने सुनंदा की मौत पर दुख जताया और भगवान से शशि थरूर को इस दर्द को सहने की शक्ति प्रदान करने की कामना की है। वहीं उद्योगपति विजय माल्या ने अपने ट्वीट में कहा कि सुनंदा की मौत से वे क्षुब्ध हैं। नववर्ष पर ही उनकी सुनंदा से मुलाकात हुई थी। उन्होंने भगवान सुनंदा की आत्मा का शांति की प्रार्थना की है। फेसबुक यूजर्स चेतन आनंद ने सुनंदा की मौत पर सवाल करते हुए पूछा है, क्या आपको लगता है कि सुनंदा पुष्कर की मौत के लिए सोशल मीडिया जिम्मेदार है। इस सवाल पर यूजर्स की मिलीजुली प्रतिक्रिया है। अधिकतर का मानना है कि मुख्य विवाद ही सोशल मीडिया से शुरू हुआ, जोकि सुनंदा की मौत का जिम्मेदार भी है। हालांकि कई यूजर्स ने शशि थरूर को भी कारण माना है।
 
निशा दत्त ने लिखा कि दोस्ती से प्रेम में परिवर्तित एक खूबसूरत रिश्ते का अंजाम बेहद दर्दनाक रहा, काश सुनंदा शशि के पिछले जीवन पर ध्यान देती। वहीं आकाश लिखते हैं कि एक पाकिस्तानी महिला पत्रकार के चलते सुनंदा को डिप्रेशन की बजाय थरूर से बैठकर हल निकालना चाहिए था। बेडरूम की बातें बाहर निकलीं, तभी तो एक खूबसूरत रिश्ते का अंत हो गया। श्रेया लिखती हैं कि यह भी अच्छा है, सिर्फ सुनता है दिल, अगर बोलता तो कयामत होती..। 
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