देश में बढ़ रही असहिष्णुता और सरकार की चुप्पी के विरोध में साहित्यकार अपने सुर बुलंद करते जा रहे हैं। मलयाली उपन्यासकार सारा जोसेफ ने अपना साहित्य अकादमी पुरस्कार वापस करने का फैसला किया है।
उन्होंने कहा कि हर रोज कोई न कोई चौंकाने वाली खबर आती है। ऐसे समय में एक लेखक चुप नहीं रह सकता। उन्होंने यह भी कहा कि यह बहुत ही दुःखद है कि लोगों को उनके बुनियादी खाने के चयन संबंधी अधिकार से भी वंचित रखा जा रहा है।
सारा जोसेफ ने कहा कि लेखकों और तर्कवादियों की हो रही हत्याएं चिंता का विषय है और यह डरावना भी है। जोसेफ ने कहा कि पीएम मोदी ने दादरी हत्या के 9 दिन बाद इस भीषण हत्याकाण्ड पर बोला जो कि खेदजनक है।