गोरखनाथ मंदिर में आयोजित भारतीय संत सभा की आंतरिक बैठक में मंगलवार को महंत आदित्यनाथ को उत्तर प्रदेश का मुख्यमंत्री के तौर पर पेश करने का निर्णय हुआ है। बैठक के बाद स्वामी चिन्मयानंद ने इस निर्णय के बारे में जानकारी दी।
उन्होंने कहा कि जिस तरह 2011 में अहमदाबाद में आयोजित बैठक में संत समाज ने नरेंद्र मोदी को पीएम के तौर पर प्रोजेक्ट किया था और 2014 में केंद्र में राजग की सरकार बनी।
उसी तरह यूपी में ऐसा चेहरा प्रोजेक्ट किया जाये जो युवा हो, राम मंदिर बनाने को कृतसंकल्प हो और इसके लिए कोई भी कुर्बानी देने को तैयार हो। साथ ही उन्होंने कहा कि अगर सुप्रीम कोर्ट का फैसला राम मंदिर के पक्ष में आता है तो जरुरी है कि प्रदेश में इस विचारधारा का शख्स जरुरी है।