बॉलीवुड अभिनेता संजय दत्त ने टाडा कोर्ट में दाखिल अपनी अर्जी वापस ले ली है। अब वे गुरुवार को मुंबई की टाडा कोर्ट में ही सरेंडर करेंगे।
गौरतलब है कि मंगलवार को संजय दत्त ने कोर्ट में बयान दिया था कि कट्टरपंथियों से उनकी जान को खतरा है। ऐसे में उन्होंने दक्षिण मुंबई स्थित विशेष अदालत की जगह सीधे पुणे स्थित यरवडा जेल में समर्पण करने की अनुमति दी जाए।
उन्होंने इसके लिए टाडा जज जीए सनप के सामने अर्जी दी थी।
मंगलवार को ही सुप्रीम कोर्ट ने उनके जेल से और बाहर रहने की अवधि बढ़ाने की एक याचिका खारिज कर दी। मुंबई आर्म्स एक्ट में दोषी इस अभिनेता को साढ़े तीन साल कैद की सजा काटनी है।
पिछले दिनों सुप्रीम कोर्ट ने उन्हें पांच साल कैद की सजा सुनाई थी। वह डेढ़ साल की सजा पहले ही काट चुके हैं।
सुप्रीम कोर्ट ने खारिज की याचिका
मंगलवार को जस्टिस बीएस चौहान और जस्टिस दीपक मिश्रा की पीठ ने एक फिल्म निर्माता की याचिका पर सुनवाई से इनकार कर दिया, जिसने दत्त को आत्म समर्पण के लिए और वक्त देने की मांग की थी।
ताकि वह अपनी दो निर्माणाधीन फिल्मों की शूटिंग पूरी कर सकें। सुप्रीम कोर्ट ने 10 मई को दत्त को सजा के फैसले पर पुनर्विचार करने की मांग वाली अभिनेता की याचिका भी खारिज की थी।
बताया था जान से खतरा
जान को खतरा बताने वाली याचिका में दत्त ने यह कहा था कि वह उन पुरानी परिस्थितियों से भी बचना चाहते हैं, जब टाडा कोर्ट द्वारा दोषी पाए जाने के बाद उन्हें मुंबई से पुणे जेल ले जाते वक्त करीब 120 किलोमीटर तक मीडिया की गाड़ियां उनकी गाड़ी के पीछे थीं।
न्यायाधीश सनप ने दत्त की याचिका पर सीबीआई से जवाब मांगा है। बुधवार को वे इस मामले की सुनवाई करेंगे।