हाल ही में आए आई.ए.एस परीक्षा परिणाम में सफल न हो पाने के कारण बंगलौर के 24 वर्षिय मंजूनाथ ने 10 मई को आत्महत्या कर ली थी।
बताया जा रहा है कि परीक्षा में असफल होने के बावजूद उनसे अपने परिवार और मित्रों को यही बताया कि वह परीक्षा में सफल हो गया है।
उसने अपने सफल होने की खबर सोशल मीडिया पर भी साझा की और यहां तक की परिवार से झूठ कहकर माता-पिता को इंटरव्यू की बात कहकर दिल्ली भी ले गया था।
लेकिन यह सब ज्यादा दिन तक नहीं चल पाया और जांच-पड़ताल में सच सामने आ गया। शायद यही वजह रही कि अंत में मंजूनाथ ने हताश होकर आत्महत्या कर ली।
वी.मंजूनाथ सरकारी शिक्षा विभाग में एक क्लर्क का बेटा था। उसने 10 मई को बंगलौर में फांसी लगाकर आत्महत्या कर ली थी।
मंजूनाथ के पिता वी.पी.मूर्ति ने कोडगू पुलिस को बताया कि मंजूनाथ ने आई.ए.एस की असफलता के कारण यह कदम उठाया।
मंजूनाथ मई 2012 में आई.ए.एस की प्राथमिक परीक्षा में सफल नहीं हो पाया था। कुछ कारणों से मंजूनाथ अक्टूबर में हुई परीक्षा में शामिल भी ही नहीं हो सका था। उसने परिवार को हॉल टिकट जैसे दस्तावेज दिखा कर यह झूठा आश्वासन दे दिया था कि वह परीक्षा दे आया है।
मंजूनाथ बंगलौर के एक इंजीनियरिंग कॉलेज का छात्र था। जब आई.ए.एस परीक्षा परिणाम घोषित हुए तो उसने एक ऐसे व्यक्ति की जगह अपना नाम और रोल नंबर प्रिंट करवा कर परिवार को दिखाया जिसने यह परीक्षा पास कर ली थी।
इसी तरह झूठ बोलते हुए वह अपने माता पिता को दिल्ली में झूठे इंटरव्यू के लिए यू.पी.एस.सी. ऑफिस भी ले गया।
पुलिस को एक बयान देते हुए पिता ने कहा था कि उनका बेटा इस बात से बहुत अधिक निराश हो गया था कि परीक्षा परिणाम के में उसके नाम और नंबर की जगह किसी और का नाम लिख दिया गया है।
बाद में पूरी जांच के बाद यह बात सामने आई कि मंजूनाथ ने प्रारंभिक परीक्षा ही पास नहीं की थी। आशंका इसी बात की है कि वह अपनी असफलता से इतना अधिक निराश हो गया कि उसे आत्महत्या का कदम उठाना पड़ा।