पेरोल को लेकर मचे हो-हल्ले के बाद बॉलीवुड अभिनेता संजय दत्त आखिरकार शनिवार को पुणे के यरवदा जेल से बाहर आ गए।
संजय दत्त को पेरोल मिली और वह एक महीने के लिए जेल से रिहा हुए हैं। लेकिन इस रिहाई से पहले काफी विवाद मच चुका है। दरअसल, उन्हें यह रिहाई अपनी पत्नी मान्यता दत्त की तबीयत खराब होने के आधार पर दी गई थी।
लेकिन जब उन्हें पेरोल पर रिहा करने का आदेश दिया गया, उससे ठीक पहले की उन तस्वीरों ने बवाल मचा दिया, जिसमें मान्यता एक पार्टी में नजर आ रही हैं।
मीडिया में आईं प्रीमियर की तस्वीरें
यह 5 दिसंबर को आर राजकुमार फिल्म की प्रीमियर पार्टी थी। इस पार्टी में मान्यता के डांस करने की भी खबरें हैं। इन तस्वीरों के मीडिया में आ जाने के बाद इस बात पर बवाल उठा कि संजय दत्त झूठ बोलकर जेल से निकल रहे हैं।
इन सब पर अब महाराष्ट्र के गृहमंत्री आरआर पाटिल ने कहा कि इस विषय पर जांच की जा रही है। यदि ऐसा सही पाया गया तो संजय दत्त की यह पेरोल खत्म हो जाएगी।
ऐसा भी कहा जा रहा था कि संजय दत्त की पेरोल रद्द हो सकती है। महाराष्ट्र के गृहमंत्री ने इस बात के संकेत दिए थे। संजय पर झूठा बहाना बनाकर जेल से बाहर निकलने की कोशिश का आरोप भी लगा।
जेल में शराब परोसने पर भी हुआ बवाल
पुणे की यरवदा जेल में फिल्म अभिनेता संजय दत्त को शराब परोसने का मामला तूल पकड़ा। अब महाराष्ट्र सरकार ने इस मामले की जांच कराने की घोषणा की है।
महाराष्ट्र के गृह मंत्री आरआर पाटिल ने कहा, 'हम लोग रिपोर्ट की जांच करेंगे और जो भी शख्स इसमें शामिल होगा, उसके खिलाफ कड़ी कार्रवाई की जाएगी।'
इससे पहले राज्य विधान परिषद में विपक्ष के नेता विनोद तावडे़ ने आरोप लगाया था कि कानून का उल्लंघन कर यरवदा जेल में संजय को शराब परोसी जा रही है। इसमें कुछ पुलिस अधिकारी अभिनेता की सहायता कर रहे हैं।