बॉलीवुड अभिनेता को आज पुणे की यरवदा जेल में शिफ्ट किया जा सकता है। वहां उन्हें साढ़े तीन साल की सजा काटनी है।
संजय दत्त ने गुरुवार को मुंबई की टाडा अदालत में समर्पण किया था। कोर्ट में कई घंटे चली समर्पण प्रक्रिया के बाद संजय को ऑर्थर रोड जेल ले जाया गया।
राहु ने पहुंचाया संजय को जेल
गौरतलब है कि सुप्रीम कोर्ट ने 21 मार्च को संजय को निचली अदालत द्वारा अवैध हथियार रखने के मामले में दोषी ठहराने के आदेश को बरकरार रखा था हालांकि छह वर्ष की सजा को कम करते हुए पांच वर्ष कर दिया था।
संजय पहले ही 18 माह जेल में बिता चुके हैं।
संजय की कोर्ट से मांग
गुरुवार को संजय दत्त के वकील ने कोर्ट से अपील की कि संजय के परिजनों को जेल में नियमित तौर पर मिलने की अनुमति दी जाए।
साथ ही जेल में कोई ज्यादा मेहनत वाला काम उनसे नहीं कराया जाए। उनके वकील ने यह भी कहा कि संजय सुप्रीम कोर्ट में क्यूरेटिव पिटीशन दायर करेंगे।
गौरतलब है कि पिछले महीने समर्पण के लिए अधिक समय की मांग की थी लेकिन सुप्रीम कोर्ट इसे नकार दिया था। शीर्ष अदालत ने 10 मई को संजय की पुनर्विचार याचिका भी रद्द कर दी थी।
संजय को जेल सुविधाएं
टाडा अदालत ने संजय दत्त को घर का बना खाना, पंखा, दवा, तकिया और पतले गद्दे की सुविधा एक माह तक देने की अनुमति दे दी है। लेकिन एक माह के बाद अधिकारी तय करेंगे कि यह सुविधा आगे दी जाए या नहीं।
वह टूथपेस्ट, शैंपू, चप्पल, कुर्ता पजामा और मच्छर भगाने की सामग्री भी अपने साथ रख सकेंगे। उन्हें गीता, रामायण और हनुमान चालीसा भी पास रखने की इजाजत दी गई है।