सपा के महासचिव और कैबिनेट मंत्री मोहम्मद आजम खां ने सिने अभिनेता संजय दत्त को मांफी दिए जाने के मुद्दे पर एक नई बहस छेड़ दी है।
आजम का कहना है कि पैरवी का लाभ देश के उन मुसलमानों को भी मिले जो टाडा के तहत जेलों में ठूंसे गए हैं या उन्हें बिना हथियार बरामदगी के सिर्फ साजिशकर्ता बताकर फांसी दे दी गई।
कैलबकरी स्थित मनवीर चिकारा के आवास पर वार्ता में सपा के फायर ब्रांड नेता आजम ने कहा कि उन्हें दुख है कि कांग्रेस के कैबिनेट मंत्री के रूप में बेनी प्रसाद वर्मा यही भूल गए यूपी में लोकसभा की 90 सीट हैं या 80।
उनकी याद्दाश्त पर तरस आता है। बस एक ही दुआ है अल्लाह उन पर रहम करे। हम कहेंगे कि सब उनके लिए दुआ करें।
वरिष्ठ मंत्रियों के हस्तक्षेप से मुख्यमंत्री को फैसले लेने में उनकी असहजता के सवाल पर उन्होंने साफ कर दिया कि वे राज्यपाल और राष्ट्रपति तो बन सकते हैं, लेकिन मुख्यमंत्री या देश का प्रधानमंत्री उन्हें कोई नहीं बना सकता।
लिहाजा वो सिर्फ मुलायम और अखिलेश के बीच की कड़ी जरूर बने हैं। अभिनेता संजय दत्त के मुद्दे पर आजम ने अफसोस जताया कि सुप्रीम कोर्ट के फैसले पर उंगली उठाकर कानून को कमजोर करने की कोशिश की जा रही है।
उन्होंने कहा कि फौज और आतंकियों के हथियार रखने की इजाजत मुल्क में किसी को नहीं है। उनके पास एके-56 राइफल बरामद हुई। जबकि मुल्क में ऐसे मुसलमान हैं जिन्हें बिना हथियार बरामदगी के फांसी पर लटका दिया गया जा टाडा में जेल काट रहे हैं। लिहाजा, उन्हें भी संजय दत्त वाला लाभ मिलना चाहिए।