राज्य सरकार के अपर महाधिवक्ता जफरयाब जिलानी ने भी बाबरी ध्वंस के मुद्दे पर नगर विकास मंत्री आजम खां के सुर से सुर मिलाया है। उन्होंने कहा कि बाबरी मस्जिद तत्कालीन प्रधानमंत्री पीवी नरसिम्हा राव की शह पर गिरी थी।
अगर वह छह दिसंबर से पहले तत्कालीन कल्याण सरकार बर्खास्त कर देते तो बाबरी मस्जिद शहीद नहीं होती। बरेली कालेज में मुस्लिम मूवमेंट की ओर से आयोजित सेमिनार में हिस्सा लेने आए जिलानी ने सैलानी स्थित निजी गेस्ट हाउस में पत्रकारों से बातचीत करते हुए कहा कि अयोध्या में राम मंदिर बनाने के लिए 25 साल से पत्थर तराशे जा रहे हैं।
मुसलमानों को इस पर कोई आपत्ति नहीं है। मगर, जब ये मामला सुप्रीम कोर्ट में है तो मंदिर या मस्जिद निर्माण की बात करना गलत है।