कहने को तो गांव देहात की सीधी साधी महिला। जज्बा ऐसा कि न सिर्फ ये महिला दिल्ली की प्रथम महिला आटो चालक बनीं, ब्लकि राष्ट्रपति पद का चुनाव लड़ने के लिए नामांकन भी कर दिया।
बात हो रही है मेरठ जिले के गांव बहादरपुर निवासी सुनीता की। सुनीता के जज्बे को एआरडी जर्मन टीवी चैनल ने भी सलाम किया।
चैनल वालों ने गांव पहुंचकर वहां की भौगोलिक स्थिति और माता-पिता के जीवन परिचय की फिल्म बनाई।
जर्मन विदेशी चैनल एआडी के डायरेक्टर संजीव कुमार आटो चालक सुनीता के साथ गांव में पहुंचे।
उन्होंने कहा कि दिल्ली में प्रथम महिला आटो चालक सुनीता ने अपना हौसला दिखाते हुए राष्ट्रपति पद के चुनाव में नामांकन किया था।
इसी पर चैनल फिल्म बनाने आया है। वहीं, सुनीता ने बताया कि बेरोजगारी के चलते नौकरी करने दिल्ली गई थी। नौकरी नहीं मिलने पर आटो चलाने का मन बनाया।
दिल्ली जैसी सड़कों पर अकेली सारी परेशानियों को पार करते हुए अपने माता-पिता की सेवा की।
दिल्ली में पहली महिला आटो चालक बनने में प्रथम स्थान पाया। वहीं महिलाओं के साथ उत्पीड़न व गरीब युवतियों के साथ यौन शोषण को देखते हुए मैंने भारत के प्रथम व्यक्ति बनने के लिए सन 2012 राष्ट्रपति पद का नामांकन किया था।
पैसा न होने के कारण व गरीब देहात युवती होने के साथ वह चुनाव नहीं लड़ सकी थी।
दिल्ली में हो रहे बलात्कार व यौन शोषण एवं अत्याचार के विरोध में इस फिल्म में काम करने का निर्णय लिया है।
इस फिल्म के जरिए लोगों को बताना चाहती हूं कि गांव की महिला के हौसला बुलंद हो तो वह कुछ भी कर सकती है।
दूसरी ओर गांव में फिल्म बनने की सूचना मिलने पर ग्रामीणों का जमावड़ा लग गया।