ट्रेन से अगर आप यात्रा करने की सोच रहे है तो अपना खाना खुद लेकर चलने की सोच ले। क्योंकि यह संभव है कि आपके खाने में भी मरी हुई मक्खी मिले और यात्रा के दौरान आप बीमार पड़ सकते है।
भारतीय रेल में कितना स्वच्छ खाना यात्रियों को मिलता है इसका उदाहरण दिल्ली से मुंबई जाने वाली अगस्त क्रांति एक्सप्रेस ट्रेन में देखने को मिला। यह खाना आईआरसीटीसी की ओर से उपलब्ध कराया गया था।
ताजा मामले के अनुसार संतोष कुमार पत्नी रंजना और बेटी नव्या के साथ नई दिल्ली से मुंबई जा रहे थे। अगस्त क्रांति एक्सप्रेस के थर्ड एसी (बी-10) में संतोष कुमार का रिजर्वेशन था।
टिकट के साथ खाने का भी उन्होंने रुपया पहले ही जमा कराया था, लिहाजा वे घर से खाना लेकर नहीं गए थे।
लेकिन ट्रेन में उन्हें जो खाना खाने के लिए दिया गया वह रेलवे व खाने का जिम्मा उठाने वाली रेलवे की सहयोगी आईआरसीटीसी की पोल खोल कर रख दिया है।
उन्होंने बताया कि ट्रेन में जो खाना उन्हें परोसा गया उसमें मक्खी मरी हुई थी। इसकी इसकी लिखित शिकायत भी उन्होंने दी है।
ट्रेन के पेंट्री मैनेजर से जब इस संबंध में बात की गई तो उन्होंने बताया कि नई दिल्ली रेलवे स्टेशन से बेस किचन से खाना लिया गया था।
उन्होंने स्वीकार किया कि अगस्त क्रांति ट्रेन के बी 10 में यात्रा कर रहे यात्री संतोष के खाने में मरी हुई मक्खी मिली है।
उल्लेखनीय है कि आईआरसीटीसी से रेलवे प्रशासन ने खाने की जिम्मेदारी बढ़ती शिकायत के कारण अपने पास ले लिया है। लेकिन दूसरे ढंग से रेलवे ने जो बेस किचन में खाना पकाने का जिम्मा आईआरसीटीसी को दे दिया है। नई दिल्ली स्थित बेस किचेन से ही दर्जनों ट्रेन में खाने की आपूर्ति की जाती है।