केंद्र सरकार ने पाकिस्तान के पूर्व क्रिकेटर और दाउद इब्राहिम के समधी जावेद मियांदाद को वीजा दिए जाने के फैसले का बचाव किया है। सरकार की दलील है कि मियांदाद भारत की नकारात्मक सूची में नहीं हैं और भारत-पाक क्रिकेट सीरीज के मैच के लिए उन्हें जायज कागजात व नियम के आधार पर वीजा दिया गया है।
मियांदाद को वीजा दिए जाने के फैसले पर राजनीतिक हलकों में उठे विवाद पर गृहराज्य मंत्री आर पी एन सिंह ने कहा कि मियांदाद इस उपमहाद्वीप के जाने माने क्रिकेट खिलाड़ी रहे हैं। साथ ही वह पाकिस्तान क्रिकेट बोर्ड में भी उच्च पद पर हैं। इस सीरीज के लिए भारत ने बोर्ड के सभी सदस्यों को ग्रुप वीजा देने का फैसला किया था। इसके अलावा मियांदाद ने वीजा के सभी नियमों का पालन किया है।
उधर, विदेश मंत्री सलमान खुर्शीद ने इस विवाद पर पूछे गए सवाल पर गोलमोल जवाब देते हुए कहा कि यह फैसला गृह मंत्रालय से हरी झंडी मिलने के बाद किया गया है। दरअसल नियम के मुताबिक किसी भी पाकिस्तानी नागरिक को वीजा दिए जाने से पहले विदेश मंत्रालय गृह मंत्रालय से सहमति लेता है।
ऐसे में मियांदाद के वीजा पर उठे विवाद की जवाबदेही सीधे गृह मंत्रालय की मानी जा रही है। मंत्रालय इस फैसले को जायज ठहराकर विवाद रोकने की पूरी कोशिश में है।